परौर से पद्धर फोरलेन की डीपीआर तैयार करने का कार्य हुआ शुरू

हिमाचल प्रदेश में यातायात को रफ्तार प्रदान करने वाले अति महत्त्वपूर्ण पठानकोट-मंडी फोरलेन प्रोजेक्ट के अब तक अधर में लटके परौर से पद्धर तक डीपीआर तैयार करने का कार्य आखिर अब शुरू कर दिया गया है।

काँगड़ा के पास चल रहा पठानकोट मंडी फोरलेन का कार्य

नेशनल हाई-वे आथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी को नियुक्त कर दिया गया है।

लम्बे समय से रुका था कार्य

इससे अब महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट को रफ्तार मिल सकेगी। अब तक पठानकोट-मंडी फोरलेन में 80 किलोमीटर में लंबे समय से ब्रेक लगी हुई थी।

साथ ही राजोल से ठानपुरी की अलाइनमेंट को भी केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से अभी तक सहमति नहीं मिल पाई है। इसके लिए तीन प्रस्तावित अलाइनमेंट केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए एनएचएआई की ओर से भेजी गई है।

कंसल्टेंट कंपनी तैनात

नेशनल हाई-वे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया की ओर से पठानकोट-मंडी फोरलेन की परौर से चौंतड़ा एवं चौंतड़ा से पद्धर के बीच डीपीआर तैयार करने के लिए नई कंसल्टेंट कंपनी तैनात कर दी गई है। इन खंडों की डीपीआर जल्द ही तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पर्यटन को लगेंगे पंख

इस राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरा होने से कांगड़ा, चंबा, पालमपुर, डलहौजी, मंडी, कुल्लू, मनाली, लाहुल-स्पीति से लेकर लद्दाख तक के पर्यटक स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को सुगम यातायात सुविधा प्रदान होगी, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन को पंख लगेंगे।

80 किलोमीटर का होगा निर्माण कार्य

उधर, कांगड़ा-चंबा के सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने बताया पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन निर्माण कार्य में परौर से पद्धर के बीच 80 किलोमीटर के निर्माण कार्य के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी नियुक्त कर दी गई है, जो कि अपना कार्य तेज़ गति से कर रही है।

उन्होंने बताया कि एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर व अधिकारियों से बैठक हुई है, जिसमें जल्द ही डीपीआर तैयार होने की बात कही है।

सेना को लेह जाने के लिए सुरक्षित मार्ग

राज्य सरकार व प्रदेश के सांसदों की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण कार्य को तेज करने का अनुरोध किया गया है। यह मार्ग चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से मिल जाएगा, जिससे सेना को लेह जाने के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग मिलेगा।

पठानकोट- मंडी के बीच घटेगी दूरी

यह सड़क मार्ग राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इसके पूर्ण हो जाने से पठानकोट और मंडी के बीच की वर्तमान 219 किलोमीटर की दूरी कम होकर मात्र 171 किलोमीटर रह जाएगी।