बरोट (Barot) – नैसर्गिक सौन्दर्य से भरपूर पर्यटन स्थल

बरोट : वैसे तो लगभग पूरा हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिए विख्यात है परन्तु कुछ ऐसे स्थल हैं जिनको पर्यटन की दृष्टि से उतना श्रेय व प्रोत्साहन नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं. ऐसा ही एक स्थान है जिला मंडी की चौहार घाटी में स्थित बरोट. चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर स्थित मंडी से महज 66 किलोमीटर दूर स्थित बरोट देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ एक अत्यंत सुन्दर स्थान है. इस गाँव का सुरम्य आकर्षण पर्यटकों के इन्तजार में रहता है.

चौहार घाटी का है प्रमुख स्थल

बरोट पिकनिक, ट्रैकिंग व हिल-कलाईबिंग(पर्वतारोहण), फिशिंग (मछली पकड़ने) जैसी एडवेन्चर गतिविधिओं के लिए एक अदभुत स्थान है. पिछले कुछ वर्षों में बरोट पर्यटन के धरातल पर से तेज़ी से उभरा है. यहाँ जोगिन्द्रनगर पन बिजली घर का जलाशय स्थित है. बरोट चौहार घाटी (Chauhar Valley) का प्रमुख स्थल है.

पास की पहाड़ी से लिया गया बरोट का अंत्यंत सुंदर दृश्य
पास की पहाड़ी से लिया गया बरोट का अंत्यंत सुंदर दृश्य

बरोट व चौहार घाटी की तस्वीरें

बरोट में उहल नदी पर शानन में बनी पनबिजली परियोजना के दो जलाशय स्थित हैं. यहाँ ट्राउट प्रजनन केंद्र है. उहल नदी के उस पार जंगली जीव अभ्यारण्य नारगू स्थित है जहाँ घोरल, हिमालयन काला भालू, चीता, चील, बन्दर, कस्तुरी मृग, जंगली बिल्ली, नीलगाय, कक्कड़, तीतर आदि जानवर व पक्षी पाए जाते हैं. हर वर्ष यहाँ नजदीकी राज्यों पंजाब व हरियाणा से सैंकड़ों पर्यटक घूमने आते हैं.

देवताओं की घाटी

यहाँ के पहाड़ों में औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी बूटियां पाई जाती हैं तथा इनका प्रयोग दवाइयों के लिए किया जाता है. यहाँ स्थानीय देवताओं की घाटी है जिसे चौहार घाटी के नाम से जाना जाता है. सरकार और स्थानीय संस्थाओं द्वारा होटल चलाए जाते हैं जहाँ ठहरने के पूरे इंतजाम उपलब्ध हैं. यहाँ एक सरकारी स्कूल, एक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, एक संगीत केंद्र भी है. बरोट की जनसंख्या एक हजार के करीब है.

बरोट में हुए ताजा हिमपात का चित्र
सर्दियों में बर्फ में ढका बरोट क़स्बा

ढुलाई गाड़ी एक रोमांच से भरा अनुभव

एक और महत्वपूर्ण स्थान जोगिन्द्रनगर बिजली घर है. यहाँ बिजली से चलने वाली एक ढुलाई गाड़ी है जो पर्यटकों को तेज पथरीले चेहरे वाली छोटी जोकि 2600 मीटर की ऊंचाई से जलाशय के पास गुजरती है.यह एक अत्यंत रोमांच से भरा अनुभव है. छोटा सा कस्बा होने के कारण यहाँ ज्यादा सुविधाएँ मौजूद नहीं हैं लेकिन स्थानीय लोग अपने अस्थाई आवासों में साफ़ सुथरी और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध करवाते हैं.

Uhl And Lamba Dag River In Barot Valley
बरोट में ऊहल नदी और लम्बाडग धाराएँ मिल कर ऊहल नदी का निर्माण करती हैं

बरोट व चौहार घाटी की तस्वीरें

जोगिन्दरनगर मंडी उच्च मार्ग से बरोट के लिए घटासनी नामक जगह से मार्ग जाता है. जोगिन्दर नगर से इस स्थान की दूरी 35 किलोमीटर है. अगर कोई भाग्यशाली ट्रॉली मार्ग से बरोट जाता है तो दूरी मात्र 12 किलोमीटर रह जाती है. भाग्यशाली इसलिए कि यह ट्रॉली कभी कभार ही चलती है. सड़क मार्ग सीढ़ीनुमा खेतों, देवदार के घने जंगलों से होकर बरोट लिए जाता है. पहाड़ी में ऊपर एक बहुत ही सुन्दर जगह झटीगरी पिकनिक के लिए उपयुक्त स्थान है. मंडी के राजाओं के ग्रीष्मकालीन महल के अवशेष यहाँ मौजूद हैं.

barot-trout-fish
बरोट ट्राउट मछली

बरोट में ट्राउट प्रजनन केंद्र है जहाँ से मछलियाँ उहल नदी में छोड़ी जाती हैं. उहल नदी का लगभग 30 किलोमीटर का क्षेत्र मछली पकड़ने के लिए उपयुक्त स्थान है.

अद्भुत दृश्यों से भरा है यह स्थान

बरोट ‘नारगु’ जंगली जीव अभ्यारण्य(sanctuary) के लिए प्रवेशद्वार का काम करता है. यहाँ कई प्रकार के जंगली जीव पाए जाते हैं. इसके साथ साथ शानदार देवदार और चील के पेड़ों से गुजरते और थलटूखोड़ और शिवबधानी गाँव से होते हुए यह मार्ग कुल्लू के लिए जाता है. मछली पकड़ने, पर्वतारोहण के लिए जाना जाने वाला बरोट का यह सुन्दर स्थान अदभुत दृश्यों से भरा हुआ है. वन्यजीवन का रोमांच हो या एकांत वातावरण हो यह स्थान गागर में सागर भरने जैसा है.

A beautiful village near Barot
बरोट के समीप के एक गाँव का मनोरम चित्र

बरोट व चौहार घाटी की तस्वीरें

चौहार घाटी व बरोट के प्रमुख स्थान व आकर्षण

  • देव पशाकोट मंदिर – यह मंदिर टिक्कन पुल के समीप, लगभग 1 किलोमीटर, है. देव पशाकोट चौहार घाटी के प्रमुख देवता हैं. लोग यहाँ पूजा करने, मन्नत मांगने, स्थानीय समस्याओं के परामर्श एवं समाधान के लिए देवता के पास आते हैं. वे धन्यवाद करने व पिकनिक मनाने के लिए यहाँ आते हैं. मंदिर के चारों और सुन्दर दृश्यावली है. पास ही छोटी जलधारा बहती है. बहुत ही रमणीय व रोमांचक जगह है. (>>पढ़ें देव पशाकोट की महिमा)
  • प्राचीन मंदिरदेव पशाकोट का प्राचीन मंदिर देवगढ गाँव में हैं. टिक्कन से ही यहाँ के लिए सड़क जाती है. मंदिर निर्माण की पैगोडा शैली में बना यह मंदिर एक खूबसूरत स्थान पर स्थित है. गत वर्ष 65 लाख रुपये की लागत से एक नया मंदिर पुराने मंदिर के साथ ही बनाया गया हैं जो कि देखने योग्य है.
  • लोहारड़ी और छोटा भंगाल – कांगड़ा जिले के छोटा भंगाल में लोहारड़ी नामक अंत्यत सुन्दर गाँव स्थित है. छोटा भंगाल हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में गिना जाता है. इस घाटी को ‘लघु कश्मीर’ भी कहा जाता है. इस घाटी के लोगो की अनूठी संस्कृति, परम्पराए, खानपान व पहनावा है. काँगड़ा के बाकी क्षेत्रों के साथ यहाँ की परम्पराएं व पहनावा मेल नहीं खाता. यही भिन्नता इस घाटी को विशिष्ठ बनाती है.
  • जलाशय – जोगिंदर नगर स्थित शानन बिजली घर के लिए लाये जाने वाले पानी के लिए बनाये गये जलाशय. यहाँ फोटोग्राफी अवैध है (लेकिन मोबाइल फोन नहीं ;)). एक रेलवे ट्रैक भी है जो कि अंग्रेजों ने बनाया था, यह अभी भी है.
  • हौलेज वे ट्रॉली – जोगिंदर नगर के शानन से बरोट तक बना हौलेज वे सिस्टम (Haulage Way System – रस्सियों की सहायता से चलने वाली ढुलाई मार्ग प्रणाली ) सम्भवत: विश्व में इस प्रकार की एकमात्र प्रणाली है. 4150 फीट की ऊंचाई पर स्थित “बफर स्टॉप” के बाद इस ढुलाई मार्ग प्रणाली में कई ठहराव स्थल हैं. विन्च-कैंप आधार स्थल से चार किमी की दूरी पर है. यह स्थल प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण एवं अत्यंत रोमांचपूर्ण है और यहाँ साल भर पर्यटक और रोमांच पसंद पिकनिक और बर्फ का आनन्द लेने के लिए आते हैं.
  • कोठी कोहड़, नलोथा, बड़ाग्रां – ये अति सुन्दर गाँव छोटा भंगाल में पड़ते हैं. यहाँ के हरे भरे खेत, चरागाहें व छोटे मैदान बरबस ही मन को मोह लेते हैं.
  • डैहनासर – 14000 फीट (4150 मीटर) ऊंचाई पर एक रमणीक झील है जिसे पवित्र झील डैहनासर के नाम से जाना जाता है. इस स्थान की यात्रा अगस्त और सितम्बर के महीने में शुरू होती है. माना जाता है कि हनुमान यहाँ एक बार यहाँ रुके थे और एक डायन का अंत किया था. >> देखें डैहनासर पर आलेख और फोटो गैलरी

जोगिंदर नगर – बरोट -बिलिंग ट्रैकिंग मैप

map-joginder-nagar-barot-billing-trek

बरोट व चौहार घाटी की तस्वीरें

कैसे पहुंचें

सड़क संपर्क:
दिल्ली – चंडीगढ़ – बिलासपुर – मंडी – घटासनी – बरोट (लगभग 500 कि.मी.)
पठानकोट – पालमपुर – जोगिंदर नगर – घटासनी – बरोट (लगभग 206 कि. मी.)

रेल संपर्क:
दिल्ली – पठानकोट (480 कि.मी.) – जोगिंदर नगर (153 कि.मी. नैरो-गेज)
जोगिंदर नगर से घटासनी से बरोट (35 कि.मी.) सड़क के द्वारा.

हवाई जहाज द्वारा:

कुल्लू का भुंतर एयरपोर्ट बरोट से 127 कि.मी. है. कांगड़ा का गग्गल एयरपोर्ट कि.मी. है.

(पठानकोट-मंडी उच्च मार्ग पर जोगिंदर नगर के समीप घटासनी नामक जगह से बरोट के लिए सड़क जाती है)

कहाँ ठहरें

पेइंग गेस्ट

  1. रिवर व्यू – 9418763841 9736550312
  2. शोभला – 9418298556, 01908267223
  3. बैरेज व्यू – 97369-58568, 98168-63982

गेस्ट हाउस

  1. के.के.नेगी गेस्ट हाउस 01908-267312
  2. हीरा गेस्ट हाउस 094182-60576
  3. सचिन गेस्ट हाउस 01908-267342, 098168-07627

सरकारी गेस्ट हाउस

  1. पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस (बुकिंग पधर में होती है) – 01908-260665
  2. फारेस्ट रेस्ट हाउस (बुकिंग जोगिंदर नगर में होती है)

दो कमरों के सैट का संभावित किराया 200 रुपये से 500 तक है.

(Coordinates of Barot are 32°2′11″N 76°50′51″E)

चौहार घाटी की तस्वीरें

-- advertisement --
जोगिंदर नगर से जुड़ने की हमारी इस कोशिश में सहयोग करें। नीचे दिए फेसबुक बटन से इस न्यूज को शेयर करें और हमारे फेसबुक पेज जो लाइक करें। इससे न केवल आप हमें मदद करेंगे बल्कि जोगिंदरनगर की लेटैस्ट न्यूज और उपडेट्स भी प्राप्त करेंगे।