बिलिंग में पैराग्लाइडिंग के लिए अलग-अलग होंगे रन-वे

विश्व विख्यात पैराग्लाइडिंग साइट बीड-बिलिंग को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इस साइट के कायाकल्प की पूरी योजना तैयार कर ली है, जिसके तहत यहां बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए जाएंगे।

उड़ान भरने का स्थान बिलिंग

अब पर्यटकों और पायलटों को उड़ान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुरक्षा की दृष्टि से इस पूरी साइट की घेराबंदी की जा रही है।

यहां मजबूत बाउंड्री वॉल और दीवारें खड़ी की जाएंगी। जिससे कोई भी आवारा पशु या अनधिकृत व्यक्ति उड़ान क्षेत्र के भीतर प्रवेश न कर सके। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यवस्थित फुटपाथों का निर्माण किया जाएगा।

पूरी साइट को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा और प्रवेश के लिए गैटेड एंट्री की व्यवस्था लागू होगी, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजऱ रखी जा सके।

बीड में स्थित दोनों प्रमुख साइट्स को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए वन विभाग से पर्यटन विभाग को लगभग 25 कनाल (एक हेक्टेयर) भूमि डायवर्ट कर दी गई है।

वहीं दूसरी साइट, जो कि निजी भूमि है, वहां लैंड फिलिंग का कार्य किया जाएगा। जिससे जमीन को समतल और उपयोग के अनुकूल बनाया जा सके।

इन सुधारों से लैंडिंग और टेक-ऑफ की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी। पैराग्लाडिंग गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए विभाग ने सोलो और टेंडम उड़ानों के लिए अलग-अलग रन-वे बनाने का फैसला लिया है।

अक्सर एक ही रन-वे होने के कारण पायलटों के बीच उलझन की स्थिति बनी रहती थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

अलग रन-वे होने से दोनों श्रेणियों की उड़ानें बिना किसी बाधा के और एक साथ भरी जा सकेंगी, जिससे पर्यटकों का समय भी बचेगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी।

सुरक्षा और टूरिज्म को बढ़ावा देने पर चल रहा काम

बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग पूर्व में हुई दुर्घटनाओं और अन्य पहलुओं को देखते हुए सुरक्षा और टूरिजम को बढ़ावा देेने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है। इससे न केवल पैराग्लाइडिंग से जुड़े लोगों, बल्कि अन्य कारोबारियों और स्थानीय लोगों को भी बड़ा लाभ होगा।

उपनिदेशक का क्या है कहना

पर्यटन विभाग के उपनिदेशक विनय धीमान का कहना है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब सख्त एसओपी लागू करने जा रहा है। पूरी साइट पर अनुभवी मार्शलों की तैनाती की जाएगी, जो मौसम की स्थिति और हवा की गति (विंड कंडीशन) का बारीकी से निरीक्षण करेंगे।

इन विशेषज्ञों की अनुमति और निगरानी के बिना कोई भी उड़ान संभव नहीं होगी। अनुभवी मार्शलों की यह टीम न केवल तकनीकी पहलुओं को देखेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि हर उड़ान सुरक्षा मानकों के दायरे में हो।