पठानकोट-मंडी फोरलेन की डीपीआर में देरी का मुद्दा संसद में गूंजा

राज्यसभा सदस्य इंदु बाला गोस्वामी ने पठानकोट-मंडी फोरलेन का मुद्दा संसद में उठाया। केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि राजोल से ठानपुरी खंड की डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा की परौर से चौंतड़ा एवं चौंतड़ा से पद्धर के बीच डीपीआर तैयार करने के लिए नया कंसलटेंट तैनात किया गया है तथा इन खंडों की डीपीआर जल्द ही तैयार कर ली जाएगी।

राज्यसभा सदस्य इंदु बाला गोस्वामी ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण कार्य को तेज करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि यह सड़क मार्ग राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके पूर्ण हो जाने से पठानकोट और मंडी के बीच की वर्तमान 219 किलोमीटर की दूरी कम होकर मात्र 171 किलोमीटर रह जाएगी।

सेना को मिलेगा सुरक्षित मार्ग

यह मार्ग चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से मिल जाएगा, जिससे सेना को लेह जाने के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरा होने से कांगड़ा, चंबा, पालमपुर, डलहौज़ी और मंडी के पर्यटक स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को सुगम यातायात सुविधा प्रदान होगी, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन को पंख लगेंगे।

पर्यटन को लगेंगे पंख

उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर औसतन छह लाख पर्यटक सफर करते हैं तथा इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से औसतन दस लाख पर्यटक इस मार्ग का उपयोग करेंगे जिससे कांगड़ा, चंबा के अतिरिक्त मंडी, कुल्लू और लाहुल स्पीति में पर्यटन को बल मिलेगा।

80 किलोमीटर की डीपीआर में देरी

राज्यसभा सदस्य इंदु बाला गोस्वामी ने बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में राजोल से ठानपुरी और परौर से पद्धर के बीच 80 किलोमीटर के निर्माण कार्य के लिए अभी तक डीपीआर तैयार नहीं की गई है तथा इसकी वजह से इसके निर्माण कार्य में देरी हो सकती है तथा इसकी डीपीआर तत्काल तैयार करने का अनुरोध किया।