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कर्मचारियों को बड़ी राहत की तैयारी में प्रदेश सरकार

हिमाचल में 1.20 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन की मांग पर कुछ होने वाला है। बेशक पुरानी पेंशन बहाल करने का मामला न सुलझ पाए, लेकिन 2009 में केंद्र की ओर से जारी अधिसूचना को हिमाचल लागू कर सकता है। इसमें डेथ या अपंगता की सूरत में कर्मचारी के परिवार को ओल्ड पेंशन मिल जाएगी।

जेसीसी के लिए यह एजेंडा आइटम नंबर दो है और इस पर वर्तमान में कसरत चल रही है। दूसरा पंजाब सरकार ने भी एनपीएस कर्मचारियों की डेथ या अपंगता के विषय में परिवार को ओल्ड पेंशन के हिसाब से फैमिली पेंशन देने की अधिसूचना आठ अक्तूबर 2021 को जारी कर दी है।

जाहिर है अब राज्य सरकार को भी इस मामले को इसी नजर से देखना होगा। इससे पहले एनपीएस के लिए डेथ कम रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी यानी डीसीआरजी देने का ऐलान राज्य सरकार ने कर दिया था। अब मामला ओल्ड पेंशन का है।

जेसीसी के लिए सरकार को सौंपे गए एजेंडे में ये मामला दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर नया पे कमीशन की मांग रखी गई है। वेतन आयोग चूंकि सरकार ने बाध्यता के तौर पर देना ही है, इसलिए असल परीक्षा ही एजेंडा नंबर दो से शुरू होगी। वर्तमान में वित्त विभाग इस डिमांड पर कसरत कर रहा है।

हालांकि अंतिम फैसला आखिर में जेसीसी की बैठक में ही होगा। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को भी ये आभास है कि ओल्ड पेंशन के लिए राज्य सरकार की बहुत से निर्भरता अब केंद्र पर है। केंद्र से वर्तमान में मिलने वाली रेवन्यू डेफेसिट ग्रांट के सहारे ही वेतन-पेंशन का खर्चा चल रहा है। इसलिए 2009 वाली अधिसूचना को राज्य में लागू करवाने के लिए कोशिश हो रही है।

इससे कम से कम एनपीएस कर्मचारियों के परिवार को सामाजिक सुरक्षा मिल जाएगी। राज्य में चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद दिवाली के बाद जेसीसी की बैठक होने जा रही है, उसमें पता चलेगा कि इस मांग को राज्य सरकार किस तरह हल करेगी? उधर, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि ओल्ड पेंशन का मामला पूर्व सरकार में इग्रोर हुआ था, तब के कर्मचारी प्रतिनिधि भी इसे उठा नहीं पाए।

न ही कर्मचारियों को शायद उम्मीद थी। अब सरकार के कर्मचारियों के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए उम्मीदें भी हैं। महासंघ जेसीसी में ये विषय ले रहा है, जो भी संभव होगा, वे करेंगे। कुछ लोग इस बारे में भ्रम फैला रहे हैं। वहीं, न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना है कि न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ का गठन ही दो अक्तूबर 2015 को हुआ था।

इसके बाद ही इस मांग के लिए हम मेहनत कर रहे हैं। वर्तमान सरकार ने शेष बचे कर्मचारियों के लिए डीसीआरजी कर दिया है, लेकिन 2009 की अधिसूचना को लागू करवाना अभी शेष है। मुख्यमंत्री ने इस बारे में एक कमेटी बनाने का ऐलान किया था, जो अभी पूरा नहीं हुआ। (एचडीएम)

1.20 लाख कर्मचारी एनपीएस में

पूर्व कांग्रेस सरकार के समय जेसीसी की बैठक 19 दिसंबर 2016 को हुई थी। इसके मिनट्स 23 जनवरी 2017 को जारी हुए, लेकिन हैरानी की बात है कि इसमें ओल्ड पेंशन स्कीम का कोई जिक्र नहीं है, न ही तब एसएस जोगटा और गोपाल कृष्ण शर्मा के महासंघ ने एजेंडे में इस मसले को लिया, न ही सरकार की ओर कोई जिक्र आया। हालांकि डीसीआरजी का आश्वासन जेसीसी के बाद ही दिया था यानी केवल इसी मांग पर विचार हुआ, वो भी जेसीसी के बाद।

1.20 लाख कर्मचारी एनपीएस में

हिमाचल मेें वर्तमान में 1.20 लाख कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में हैं। राज्य में कुल कर्मचारी और पेंशनरों की संख्या वैसे 4.15 लाख हैं। ये सभी नए वेतन आयोग के दायरे में हैं। एनपीएस के लिए भारत सरकार ने एलआईसी, एसबीआई और आईडीबीआई को फंड्स मैनेजमेंट के लिए अधिकृत कर रखा है। एनपीएस एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें पेंशन इतनी नहीं होती, जो सामाजिक सुरक्षा दे सके।

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