जोगिन्दरनगर में सरकार की “पॉवर” को लेकर शुरू हुई जंग

जोगिन्दरनगर विधानसभा क्षेत्र में सरकार की ‘पॉवर’ को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता फिलहाल असमंजस की स्थिति में हैं.बेशक अंदरखाते यह जंग ज़ारी है. बीजेपी प्रत्याशी गुलाब सिंह की हार के बाद ऐसी चर्चा है कि विकास कार्यों के साथ -साथ बीजेपी कार्यकताओं व आम लोगों के कार्य किस नेता के कहने पर होंगे. इस समय सांसद रामस्वरूप शर्मा,पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर और मंडी जिला के महामंत्री पंकज जम्वाल पर सभी की नजरें टिकी हैं.

‘एकछत्र राज’ संभव नहीं

बेशक प्रदेश में बीजेपी की सरकार है लेकिन जोगिन्दरनगर में ‘एकछत्र राज’ की बात कई मायनों में जल्द सम्भव होती नहीं दिख रही. रामस्वरूप शर्मा,गुलाब सिंह ठाकुर और पंकज जम्वाल के कार्यों को सरकार कैसे अनदेखा कर पाएगी यह समझ से परे है.

क्या बनेगा कोई रोड़ मैप

क्या विकास के लिए यहाँ कोई रोड़मैप बनाया जाएगा या फिर कोई और फार्मूला टी करके सरकार जनता के मध्य अपनी छवि प्रस्तुत करेगीमंडी संसदीय क्षेत्र से 13 व अकेले मंडी से 9 सीटें जीतकर बीजेपी ने अपना परचम लहराया है.मंडी जिला के कारण ही जयराम ठाकुर को सीएम की कुर्सी मिली जिसका श्रेय रामस्वरूप शर्मा को जाता है.

 

सांसद और सीएम की है बरसों पुरानी दोस्ती

 सांसद और सीएम की बरसों पुराणी दोस्ती किसी से छुपी नहीं है.इस दोस्ती ने ही दोनों को राजनीति के इस मुकाम तक पहुँचाया.मौजूदा लोकसभा चुनावों में जयराम केपीछे हटने पर ही शर्मा को यह तिक्त मिला था. जयराम ठाकुर के इनकार करने में जो भलाई थी वह अब जाकर सामने आई है क्योंकि उन्होंने प्रदेश का सीएम बनकर मंडी जिला का 50 वर्ष का सपना भी साकार करना था.

 

पंकज जम्वाल भी कम नहीं

जोगिन्दरनगर हल्के से रामस्वरूप शर्मा की तूती बोलती नज़र आ रही है जबकि  पंकज जम्वाल की सीएम से करीबियां हैं. सीएम की ताजपोशी के समय जम्वाल जयराम ठाकुर के अंगसंग रहे.ज़माने की नज़र में पंकज जम्वाल का रुतबा सरकार के दरबार में किसी से कम नहीं है.

गुलाब सिंह का तजुर्बा भी रखता है मायने

पूर्व मंत्री गुलाब सिंह का 40 साल का राजनितिक तजुर्बा भी खुद में मायने रखता है.1998 में बीजेपी की सरकार बनवाने में ठाकुर की भूमिका सभी के सामने है. इस हल्के में पहली बार कमल खिलाने का श्रेय भी गुलाब सिंह को जाता है.पूर्व सीएम धूमल के समधी हैं तथा उन्हें इस चुनाव में 25000 मत प्राप्त हुए हैं.कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है. मंडलीय बीजेपी में भी उनका वर्चस्व है.

सीएम के जिम्मे है विकास

ऐसे अनेक समीकरण जोगिन्दरनगर की सियासत में बन चुके हैं जिनमें पूरी तरह से संतुलन बनाकर पार पाना टेढ़ी खीर लगता है.पूरे प्रदेश का विकास अब सीएम जयराम ठाकुर के जिम्मे है.

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