बर्फबारी में फंसे चौंतड़ा के बाराती
चौंतड़ा: जिला शिमला के डोडराक्वार में भारी बर्फबारी के चलते चौंतड़ा के नागण गाँव निवासी गोपाल सिंह बिष्ट { पुत्र
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Read Moreकुछ लोगों पता भी न हो कि यह क्या है ? दरअसल ये हैं ‘पूळां’ (Poola), हिमाचल का पारम्परिक फुटवेअर.
Read Moreयह तो हमने कई बार पढ़ा और सुना है कि विज्ञान एक वरदान है और अभिशाप भी.
Read Moreजम्मू कश्मीर के कटड़ा शहर के त्रिकूट पर्वत में माँ श्री वैष्णो देवी का सुन्दर धाम स्थित है. यह माना
Read Moreउत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में माँ शाकुम्भरी का सुंदर स्थान विराजमान है.
Read Moreमाँ मनसा देवी का यह पवित्र मंदिर हरियाणा राज्य के पंचकूला में स्थित है. यह मंदिर शिवालक पहाड़ियों में मनीमाजरा
Read Moreजोगिन्दरनगर: यहाँ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चतुर्भुजा मंदिर में ऋषिपंचमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया.
Read Moreआज भाद्रमास की तृतीया तिथि है साथ ही आधे दिन के बाद चर्तुर्थी तिथी भी है इसलिए आज तीज और
Read Moreहिमाचल प्रदेश में कांगड़ा नाम की जगह से 30 किलोमीटर दूर काली धार पहाड़ी में ज्वालामुखी देवी का प्रसिद्ध मंदिर
Read Moreमाता शूलिनी देवी का मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर के दक्षिण में शीली मार्ग के किनारे विराजमान है. इस
Read Moreश्री नैना देवी का मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है. यह मंदिर एक सुन्दर पहाड़ी में बना
Read Moreरक्षाबंधन से जन्माष्टमी के दिन तक जाहपीर के मंडलीदार गूगा जाहपीर के साथ गाँव में घर-घर जाकर लोगों के सुखमयी
Read Moreभाई बहन के पावन प्रेम के प्रतीक रक्षा बंधन का त्यौहार प्राचीन काल से चला आ रहा है.
Read Moreहिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में स्थित है सुन्दर और प्राकृतिक कमरुनाग झील..
Read Moreरिवालसर नामक सुंदर स्थान हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित है. यहाँ की रिवालसर के
Read Moreजोगिन्दरनगर : जोगिन्दरनगर से छह किलोमीटर की दूरी पर बसा है नेर गाँव.
Read Moreजोगिन्दरनगर : जोगिन्दरनगर के शिक्षाविंद नेक राम शास्त्री को लंदन में होने वाले कार्यक्रम में ‘महात्मा गांधी सम्मान अवार्ड‘ से
Read Moreठंडे-ठंडे पानी से नहाना चाहिए चाहे…. ठंडा पानी गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के साथ ही शरीर को भी
Read Moreदोहा:- निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय, बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय. अर्थ:- कबीर जी कहते है कि
Read Moreमहाराणा प्रताप की जयंती विक्रमी संवत् कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है.
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