पठानकोट-बैजनाथ रेलमार्ग में पुनः जल्द शुरू होगी रेल सेवा

लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चक्की रेलवे का नवनिर्मित पुल पूरी तरह तैयार हो गया है। पुल के तैयार होने के बाद पठानकोट-बैजनाथ नैरोगेज रेलमार्ग पर ट्रेनों की बहाली के लिए मंगलवार को उत्तर रेलवे के रेल सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने छह बोगी वाली स्पेशल ट्रेन से रेल ट्रैक का निरीक्षण किया।

त्तर रेलवे के रेल सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने किया निरीक्षण

उनके साथ मंडल रेलवे जम्मू के प्रबंधक विवेक कुमार सहित तकनीकी इंजीनियर व अधिकारी भी उनके साथ निरीक्षण में शामिल रहे। निरीक्षण की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को मिलने के बाद पठानकोट से बैजनाथ तक ट्रेनों की आवाजही शुरू हो जाएगी।

रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशमुख निरीक्षण टीम के साथ सुबह दस बजकर 20 मिनट पर नैरोगेज रेलगाड़ी में पठानकोट सिटी रेलवे स्टेशन से चलकर करीब 11 बजे चक्की खड्ड रेलवे पुल पर पहुंचे।

तकनीकी टीम के साथ करीब दो घंटे पुल का गहन निरीक्षण किया और करीब डेढ़ बजे नूरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जबकि सभी स्टेशन व रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करते हुए शाम करीब साढ़े चार बजे नगरोटा सूरियां रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।

पांच मिनट के ठहराव के बाद रेलगाड़ी बैजनाथ के लिए निकल गई। निरीक्षण रेलगाड़ी के आगे सुरक्षा की दृष्टि से रेल ट्रैक पर खाली इंजन भी दौड़ाया गया।

रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने बताया कि चक्की खड्ड पर बने रेलवे पुल के सफल निरीक्षण के बाद रेल ट्रैक का बैजनाथ तक निरीक्षण किया जा रहा है।

निरीक्षण पूरा होने के बाद ही आगे की करवाई अमल में लाइ जाएगी। मंडल रेलवे जम्मू के डीआरएम विवेक कुमार ने कहा की ट्रायल सफल रहने के बाद एक सप्ताह के भीतर पठानकोट से बैजनाथ के लिए सीधी रेल सेवा शुरू कर दी जाएगी।

पुनः बनकर तैयार हुआ चक्की पुल

पठानकोट-बैजनाथ नेरोगेज रेललाइन के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चक्की रेलवे का नवनिर्मित पुल पूरी तरह तैयार हो गया है।

करीब 70 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस आधुनिक और सुदृढ़ पुल का कमिश्नर रेलवे सेफ्टी, नॉर्दर्न सर्कल दिनेश देसवाल ने तकनीकी टीम सहित गहन निरीक्षण किया और इसे संचालन के लिए हरी झंडी दे दी।

निरीक्षण के दौरान पुल की संरचनात्मक मजबूती, ट्रैक की फिटिंग, लोड क्षमता, सुरक्षा उपकरणों और अन्य सभी तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की गई।

सीआरएस दिनेश देसवाल ने निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता वाला बताते हुए रेलवे इंजीनियरों की सराहना की।