पांच दिवसीय राज्य स्तरीय देवता मेला यहां अपनी परंपराओं के साथ धूमधाम से बारिश के बीच संपन्न हो गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा (बिट्टू) ने समापन समारोह की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर सुनील शर्मा (बिट्टू) ने राम लीला मैदान में चौहार घाटी से आए अराध्य देव हुरंग नारायण व देव पशाकोट सहित मेला में आए समस्त देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की तथा राम लीला मैदान से देव हुरंग की अगवाई में मेला मैदान तक शोभायात्रा में भी भाग लिया।
अपने संबोधन में उन्होंने समस्त उपमंडल वासियों को मेला की बधाई देते हुए कहाकि हिमाचल में मनाए जाने वाले मेलों एवं त्योहारों में किसी भी समाज के सांस्कृतिक जीवन का वास्तविक रूप देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि देव भूमि हिमाचल के अलग-अलग भागों में आयोजित किए जाने वाले मेलों एवं त्यौहारों में पहाड़ी संस्कृति एवं परंपराओं के साक्षात दर्शन होते हैं तथा इन मेलों एवं त्यौहारों के माध्यम से पहाड़ी जन जीवन में नई स्फूर्ति का संचार होता है ।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मनाए जाने वाले अधिकतर मेलों में जहां लोगों को मनोरंजन का अवसर मिलता है वहीं पर क्षेत्र के समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेने का अवसर भी प्राप्त होता है।
मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपमंडल अधिकारी (नागरिक) मनीष चौधरी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए उन्हे शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और मेला की गतिविधियों बारे जानकारी प्रदान की।
स्थानीय बाजार में पहुंची जलेब के दौरान इंद्र देव भी खूब मेहरबान हुए और जमकर बारिश हुई लेकिन जलेब चलती रही और देवलुओं ने बारिश में नाचते गाते देवी देवताओं को मेला मैदान तक पहुंचाया।































