मंडी आईआईटी में भारत का नया मंगल योद्धा ‘मौर्य’ तैयार
मंडी आईआईटी के छात्रों ने एक बार फिर स्पेस टेक्नोलॉजी में नई इबारत लिख दी है। चार सालों की मेहनत, असफलताओं से सीख और निरंतर सुधार के बाद लेटेस्ट मार्स रोवर मौर्य उड़ान भरने के लिए तैयार है।
मार्स रोवर को मंगल की सतह पर चलने के काबिल बनाया गया है। इसमें आधुनिक तकनीक और मिट्टी विश्लेषण करने की काबलियत के साथ ही धरती पर डाटा भेजने की क्षमता भी विकसित की गई है। यह मंगल पर जीवन की संभावनाएं तलाशने के काबिल बनाया गया है।
भारत का नया मंगल योद्धा मंडी आईआईटी में तैयार है और इसरो साल 2030 तक मंगलयान भेजने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इस यान में ही मंडी आईआईटी में तैयार हुए रोबो को भेजा जा सकता है। यह रोवर अब यूनिवर्सिटी रोबर चैलेंज (यूआरसी) की अमरीका में टेस्टिंग हो रही है।
मंडी आईआईटी और रोबोटनिक्स क्लब के 50 सदस्यों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने मौर्य का सपना साकार किया है। रोबो बनाने वाली टीम में मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सॉफ्टवेयर, लाइफ साइंसेज के छात्र शामिल हैं। इस रोबो में इस बार रिस्की इनोवेशन की जगह रिलायबिलिटी और फॉल्ट टॉलरेंस पर पूरा जोर दिया है। इस प्रोजेक्ट को सुखवंश जैन लीड कर रहे हैं।
उनकी टीम ने पिछले संस्करणों की कमियों को दूर कर एक मजबूत, हल्का और स्मार्ट रोवर तैयार किया है। मौर्स रोबो में मोबिलिटी सिस्टम सहित छह व्हील वाले पुराने प्रोटोटाइप से ट्रांजिशन कर अब चार व्हील रॉकर डिफरेंशियल सस्पेंशन के साथ बनाया गया है।
इसका वजन भी आठ किलो कम किया गया है और पावर एफिशिएंसी बढ़ाई। नई व्हील डिजाइन में ट्राएंगुलर थ्रेड जियोमेट्री से बेहतर ट्रैक्शन और ऑब्स्टेकल क्रॉसिंग की गई है। रॉकर ज्वाइंट को ऑप्टिमाइज कर स्ट्रेस कम किया है, जिससे टॉर्क डिमांड घटा है।
रोबोटिक आर्म को छह डिग्री ऑफ फ्रीडम वाला एडवांस्ड आर्म, फोर बार मेकेनिज्म, नोबल मेकेनिज्म और इलेक्ट्रोमैग्नेट लॉकिंग सिस्टम दिया है। भारी सामान उठाने के लिए हाई टॉर्क, स्मूद मोशन के लिए वेलोसिटी सर्वो कंट्रोल के साथ कोलिजन अवेयर मैनिपुलेशन जैसी प्रेसिजन टास्क्स के लिए परफेक्ट किया गया है।
मौर्स रोबो के मायने
यह सिर्फ एक छात्र रोवर नहीं, बल्कि मेक इन इंडिया और अमृत भारत प्रोजेक्ट का प्रतीक है। इसरो के मंगलयान के बाद युवा इंजीनियरों का यह प्रयास भारत को ग्लोबल स्पेस रेस में आगे ला रहा है। टीम मेंटॉरशिप, वर्कशॉप और आउटरीच के जरिए छात्रों को स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ रही है।
मंगल पर शोध करने वाले रोबो पर काम
मंडी आईआईटी के रजिस्टार कुमार संभव पांडे ने कहा कि मंगल पर शोध करने वाले रोबो पर तकनीकि काम हो रहा है। यह प्रोजेक्ट अभी
शोध स्टेज पर है और आधुनिक तकनीकी तैयार की जा रही है।
मंडी आईआईटी में तकनीक शोध
मंडी आईआईटी के निदेशक लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा की आधुनिक तकनीक विकसित करने को प्रोजेक्ट चल रहे हैं। मौर्स रोबो पर भी शोध किया है।












