जिला मंडी के शहरी निकाय चुनावों में मतदाताओं ने चुनी सरकार

सुक्खू राज में जयराम की मंडी में करवाए गए शहरी निकाय के चुनावों में दो बड़े राजनीतिक दलों में बीच कांटे की टक्कर हुई है। शहरी निकाय चुनावों में मतदाता ने अपना फैसला भाजपा और कांग्रेस के भीतर ही सुनाया है और नोटा सहित निदर्लीय प्रत्यशियों को करीब करीब नकार दिया है।

सुंदरनगर में भाजपा का दबदबा देखने को मिला है जबकि रिवालसर, करसोग, नेरचौक में कांग्रेस का जलवा दिखा है।

मंडी जिला के छह शहरी निकायों के चुनावों में करवाए गए मतदान के बाद हुई मतगणना के बाद जो तस्वीर उभरी है, वह तो यही बता रही है कि जय राम की मंडी में भापजा की लाज सुंदरनगर बचा गया है और छोटे शहरी निकायों में मतदाता ने सत्ताधारी कांग्रेस के अपनाया है।

सुंदरगनर नगर परिषद सहित नेरचौक, जोगिन्दरनगर और सरकाघाट तथा करसोग और रिवालसर नगर पंचायतों के कुल 50 पदों में से 47 पर चुनाव करवाया गया है।

सरकाघाट के सात वार्डों में भाजपा काबिज हुई है, जबकि 3 पर कांग्रेस को जीत मिलजी है। वहीं निर्दलीय यहां खाता नहीं खोल पाया है।

नेरचौक में 9 वार्डो में मतदान करवाया गया है, जिसमें से आठ वार्डों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं, जबकि भाजपा एक पर सिमट गई है। यहां भी निर्दलय खाता नहीं खोल पाए हैं।

करसोग नगर पंचायत के सात वार्डों में पांच पर ही चुनाव करवाया गया है। यहां पर एक वार्ड में चुनाव का बहिष्कार हुआ है और एक में निर्दलीय पार्षद चुना गया है। शेष बचे पांच वार्ड कांग्रेस ने जीत लिए हैं।

रिवालसर के सात वार्डों में से एक पर निर्विरोध प्रत्याशी पहले ही चुना जा चुका है। जबकि कांग्रेस ने यहां पांच और भाजपा ने एक पर जीत दर्ज की है।

जोगिन्दरनगर के सात वार्डो में से पांच पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीते हैं, जबकि दो पर निर्दलीय जीत हुई है, जबकि कांग्रेस यहां खाता तक नहीं खोल पाई है।

सुंदरनगर हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी नगर परिषद है। यहां 13 वार्डों में चुनाव परिणाम भापजा के पक्ष में हैं। सुंदरगनर के नौ वार्डों में भाजपा प्रत्याशी जीते हैं, जबकि दो निर्दलीय प्रत्याशी भी जीते हैं और कांग्रेस के दो प्रत्यशियों ने जीत हासिल की है।

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