दूसरे राज्यों को 12 करोड़ की ताजी सब्जियां खिला रही हिमाचल की ये 20 पंचायतें

चौहार घाटी व छोटा भंगाल की 20 पंचायतों के किसान इन दिनों ऑफ-सीजन सब्जियों की पौध रोपाई के कार्य में व्यस्त हैं। क्षेत्र के खेतों में पत्ता गोभी, फूल गोभी, मूली, ब्रोकली, मटर सहित अन्य सब्जियों की पौध लगाई जा रही है। किसानों का कहना है कि यह समय सब्जियों की पौध तैयार कर उन्हें खेतों में लगाने का है।

किसान सीताराम, राम सिंह, खेम सिंह, मंगत राम, रोशन लाल और तिलक राज ने बताया कि वे इन दिनों विभिन्न सब्जियों की पनीरियों को खेतों में रोप रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जलवायु ऑफ-सीजन सब्जियों के उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है।

यही कारण है कि यहां उत्पादित सब्जियों की मांग प्रदेश सहित बाहरी राज्यों में भी रहती है। किसानों के अनुसार अगस्त से दिसंबर तक क्षेत्र से बड़ी मात्रा में सब्जियां बाजारों में भेजी जाती हैं।

हर वर्ष लगभग 10 से 12 करोड़ रुपए की सब्जियां बाहरी मंडियों तक पहुंचती हैं। इससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिकी मजबूत होती है। किसानों ने बताया कि एक किसान औसतन एक लाख रुपये तक की सब्जियां बेच लेता है।

ऑफ-सीजन सब्जियों की खेती यहां के लोगों की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है। किसानों का कहना है कि मेहनत और अनुकूल मौसम के कारण उन्हें अच्छा उत्पादन मिलता है। उन्होंने बताया कि मुल्थान के धरमान में सरकार द्वारा सब्जी मंडी भी स्थापित की गई है।

इस मंडी से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलती है। हालांकि किसानों ने कृषि विभाग और सरकार से अधिक सहयोग की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें बीज और दवाइयां निजी दुकानों से खरीदनी पड़ती हैं।

सरकारी स्तर पर पर्याप्त कृषि सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकारी सहायता की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस हो रही है। उन्होंने उन्नत बीज, कृषि दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन की मांग उठाई है।

किसानों का कहना है कि यदि सरकार सहयोग बढ़ाए तो उत्पादन और अधिक बढ़ सकता है। इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। चोहार घाटी और छोटा भंगाल के किसान सब्जी उत्पादन में नई मिसाल कायम कर रहे हैं।

ऑफ-सीजन सब्जियों की खेती से ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। कृषि आधारित यह गतिविधि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *