हिमाचल के कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को मिला शौर्य चक्र
जोगिन्दरनगर : हिमाचल प्रदेश की वीर प्रसूता माटी ने देश को एक बार फिर गौरवान्वित किया है। मंडी जिले के जोगिन्दरनगर क्षेत्र की दारट बगला पंचायत के वीर सपूत कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर (6 पैरा विशेष बल) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान शौर्य चक्र से अलंकृत किया है।
नई दिल्ली में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित देश की शीर्ष सैन्य लीडरशिप मौजूद रही।
घने कोहरे में लिखी शौर्य की अमर गाथा
जम्मू-कश्मीर के दुर्गम इलाके में जब मौसम बेहद प्रतिकूल था और विजिबिलिटी शून्य के करीब थी, तब कैप्टन योगेंद्र अपनी टीम के साथ मुस्तैद थे। अचानक घने कोहरे के बीच उन्हें करीब 300 मीटर की दूरी पर संदिग्ध हलचल दिखी। आतंकियों को भागने का कोई मौका न मिले, इसलिए वह अपनी जान जोखिम में डालकर डटे रहे।
खूंखार आतंकवादी को किया ढेर
अचानक आतंकियों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच कैप्टन योगेंद्र ने अदम्य साहस का परिचय दिया। वह रेंगते हुए आगे बढ़े और आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में एक खूंखार आतंकवादी को ढेर कर दिया। उनके इसी सर्वोच्च समर्पण और अद्वितीय युद्ध कौशल के लिए उन्हें शौर्य चक्र से नवाजा गया है।
जयराम ठाकुर ने दी बधाई, कहा- युवाओं के प्रेरणास्रोत
इस ऐतिहासिक पल पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कैप्टन योगेंद्र को बधाई देते हुए कहा कि कैप्टन योगेंद्र ने अपने अद्वितीय साहस से साबित कर दिया है कि हिमाचल की देवभूमि आज भी वीरों की जननी है।
यह सम्मान केवल उनकी वीरता का नहीं, बल्कि भारतीय सेना के सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हमारे युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगी।












