हिमाचल के होनहार बेटे प्रसुमन का इसरो के लिए हुआ चयन

जोगिन्दरनगर : “खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से पूछे कि बता तेरी रज़ा क्या है” जी हाँ मन में कुछ करने का जज्बा हो तो मंजिल आसानी से पाई जा सकती है. कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है हिमाचल के बेटे प्रसुमन ने. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के गांव डवारड़ू का होनहार प्रसुमन देश की सबसे बड़ी व प्रतिष्ठित अंतरिक्ष एंजेसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो में सेवाएं देने के लिए चयनित हुआ है. जिससे समस्त मंडी जिले में ख़ुशी का माहौल है. द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर प्रसुमन को बधाई देने समारोह में पहुंचे और शॉल व टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया.प्रसुमन की इस कामयाबी से पूरे हिमाचल को इस बेटे पर गर्व है.

डवारडू गाँव के हैं प्रसुमन

प्रसुमन मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के डवारडू गाँव के रहने वाले हैं. 23 वर्षीय प्रसुमन भारत सरकार की प्रतिष्ठित स्पेस एजेंसी इसरो में अंतरिक्ष यान बनाने वालों की टीम में हैं. प्रसुमन ने रविवार को मंडी में हुई प्रेस वार्ता में बताया कि इसरो में चयन होने के बाद पहली बार अपने घर मंडी पहुंचे हैं. उनके नाना प्यार से उन्हें डॉ.अब्दुल कलाम के  नाम से पुकारते थे.

यान के होते हैं तीन भाग

प्रसुमन ने जानकारी दी कि यान के तीन भाग होते हैं. यह तीनों अलग-अलग स्थानों पर बनाए जाते हैं. वह अभी त्रिवेंद्रम में तैनात हैं. यहां यान का सबसे ऊपरी और अहम भाग बनाया जाता है. इसे जियोस्टेशनरी लांच व्हीकल कहा जाता है. इसका संचालन लिक्विड हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से होता है.आजकल इसी पर काम हो रहा है।

विधायक ने दी बधाई

द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर प्रसुमन को बधाई देने समारोह में पहुंचे और शॉल व टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया.

 25 जुलाई को संभाला था कार्यभार

प्रसुमन ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एमटेक किया है. यहीं से 2018 में कैंपस प्लेसमेंट में उनका चयन इसरो के लिए हुआ. बीती 25 जुलाई 2019 को प्रषुम्न ने इसरो में बतौर साइंटिस्ट अपना कार्यभार संभालकर सेवाएं देना शुरू कर दी है. प्रसुमन का कहना है कि अभी उनका प्रशिक्षण कार्यकाल चल रहा है.

कुछ नया करना चाहते हैं

प्रसुमन ने बताया कि आने वाले समय में अपनी अलग प्रोफाइल बनाकर देश के लिए कुछ नया करना चाहते हैं. प्रसुमन के पिता घनश्याम भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी हैं. माता ऋतु सुमन साहल स्कूल में अंग्रेजी की प्रवक्ता हैं.

नाना पुकारते थे डॉ. कलाम

सुमन के माता-पिता ने बताया कि प्रसुमन बचपन से ही इस क्षेत्र में जाने का लक्ष्य लिए हुए था और उसके इस रूझान को देखते हुए उनके नाना प्यार से उन्हें डॉ.अब्दुल कलाम के  नाम से पुकारते थे.

इन संस्थानों में की पढ़ाई

प्रसुमन की प्रांरभिक शिक्षा जनजातीय क्षेत्र किन्नौर के आईटीबीपी पब्लिक स्कूल में हुई थी जबकि उसके बाद उसने सरस्वती विद्या मंदिर मंडी व डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल मंडी से शिक्षा ग्रहण की. आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास करने पर उनका चयन कानपुर के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में हुआ. प्रसुमन की माता ऋतु सुमन ने बताया कि उनके बेटे का दृढ़ निश्चय की आज उन्हें इस मुकाम पर लेकर आया है.

माँ -बाप और शिक्षकों को देते हैं श्रेय

प्रसुमन अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व समस्त शिक्षकों को देते हैं जिनकी शिक्षा व मार्गदर्शन के कारण आज वह इस मुकाम तक पहुंचा है. उनके इसरो के लिए चयनित हो जाने से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.
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