हिमाचल के सेहतमंद व्यंजन सिड्डू का है पूरा विश्व दीवाना

चाउमिन-मोमो को चीन की उत्पति मान जाता है। चीन से आए यह व्यंजन मौजूदा समय में भारत की हर गली और नुक्कड़ पर मिल जाते हैं। ढाबा, रेस्टोरेंट और होटल, ठेले आदि पर यह आसानी से मिल जाते हैं। बेशक हिमाचल अब इन व्यंजनों दीवाना है, लेकिन क्या आप जानते हैं जब चीन में मोमो की शरूआत भी नहीं हुई थी, उससे पहले हिमाचल में मोमो बनते थे, लेकिन मैदे से नहीं आटे से और वह भी सेहत से भरपूर।

हम बात कर रहे हैं सिड्डू की, जो दिखने में तो मोमो की तरह लगते हैं, लेकिन हैं बिलकुल अलग। जब भी देश-विदेश के पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं, तो वे सिड्डू को बड़े चाव से खाते हैं। आज हम आपको बताएंगे सिड्डू के गुण और इसे बनाने का तरीका।

हिमाचल की पहचान है सिड्डू

हिमाचल में मोमोज को बेहद पसंद किया जाता है, लेकिन इससे भी बड़ा और सेहतमंद फास्ट फूड है हिमाचल का सिड्डू, जिसे अगर मोमोज का बाप कहें, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

यह सिड्डू हिमाचल की पहचान हैं, जो पहले तो खास खास मौकों पर बनाए जाते थे, लेकिन अब यह दुकानों पर भी बनाए जा रहे हैं। हिमाचल के कई शहरों में सिड्डू की दुकानें है और कुल्लू तो सिड्डू का हब माना जाता है। सिड्डू को बनाने से लेकर इसके स्वाद तक सब कुछ बहुत खास है।

हिमाचल का पारंपरिक व्यंजन

सिड्डू हिमाचल का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे त्योहारों और खास मौकों पर बनाया जाता है। प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बनाए जाने वाला यह खास व्यंजन सेहत से भरपूर है, जिसे मोमोज की तरह मैदे से नहीं, बल्कि आटे से बनाया जाता है, जिसके दाल, अखरोट व अन्य ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग की जाती है और स्पेशल चटनी के साथ परोसा जाता है। बड़ी बात यह है कि इसे देशी घी या मक्खन के साथ खाया जाता है।

मशहूर पकवानों में से एक

सिड्डू हिमाचल के मशहूर पकवानों की कतार में सबसे आगे खड़ा है, वैसे तो इसे प्रदेशभर में बनाया और खाया जाता है, लेकिन हर जिला में इसे बनाने का तरीका थोड़ा सा अलग हो जाता है। सबसे ज्यादा कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर, मंडी, कांगड़ा, चंबा और शिमला में सिड्डू बनाया जाता है।

सिड्डू अब रेस्टोरेंट, ढाबों या सडक़ किनारे सजे स्टॉल्स पर भी मिल जाते हैं। एक तरफ जहां मोमोज मैदे से बनाए जाते हैं, तो वहीं सिड्डू को आटे से बनाया जाता है। बीच में ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग इसे और भी पौष्टिक बना देती है। सिड्डू की तासीर गर्म होती है, जिसके इसे सर्दियों में खाना बहुत फायदेमंद होता है। हालांकि अब सिड्डू को गर्मियों में भी खाया जाने लगा है।

गेहूं के आटे से ऐसे बनाएं सिड्डू

सामग्री—2 कप गेहूं का आटा
– 1/2 कप गर्म पानी
– 1/4 चम्मच नमक
– 1 बड़ा चम्मच घी या तेल
स्टफिंग कैसे करें
– 1 कप उबले हुए आलू
– 1/2 कप उबले हुए मेथी के पत्ते
– 1/2 कप उबले हुए चने
-ड्राई फ्रूट्स
– 1/4 चम्मच नमक
– 1/4 चम्मच काली मिर्च पाउडर
– 1 बड़ा चम्मच घी या तेल

यह है विधि

  • आटा गूंथना— एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा, नमक, और घी या तेल मिलाएं। गर्म पानी डालकर आटा गूंथ लें।
  • आटा सेट होने दें—आटे को 10-15 मिनट के लिए सेट होने दें।
  • भरने की सामग्री—उबले हुए आलू, मेथी के पत्ते, चने, नमक, और काली मिर्च पाउडर को मिलाएं।
  • सिड्डू बनाएं— आटे को छोटे हिस्सों में बांट लें। प्रत्येक हिस्से को गोल आकार में बेल लें। भरने की सामग्री को आटे के बीच में रखें और आटे को बंद कर दें।
  • सिड्डू को पकाएं—एक बड़े पैन में पानी उबालें। सिड्डू को पानी में डालें और 10-15 मिनट के लिए पकाएं। घी या मक्खन लगाकर अब सिड्डू खाने के लिए तैयार है।