जोगिन्दरनगर के इन दो नेताओं के बीच में चल रहा दिलचस्प राजनीतिक दंगल

जोगिन्दर नगर।। जोगिन्दर नगर में जन प्रभाव वाले दो नेताओं में दंगल ज़ारी है। जोगिन्दर नगर के विधायक प्रकाश राणा और सब विरोधियों की जमानतें जब्त करवा कर जिला परिषद सदस्य बने कुशाल भारद्वाज की चर्चा जोगिन्दर नगर से मंडी तक हर जगह सुर्खियों में है। एक ने भाजपा में जाने व टिकट पक्का करने का जश्न मनाया, तो दूसरे ने कई पंचायतों की जनता को पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए जल सत्याग्रह शुरू किया।

दोनों के बारे में चर्चा आखिर हो भी क्यों नहीं। इस बार दोनों के बीच चुनावी घमासान होने की पूरी संभावना है। हालांकि कुशाल भारद्वाज ने अभी तक चुनाव लड़ने बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन न केवल उनके समर्थक बल्कि कई अन्य लोग भी उनके समर्थन में उतर आये हैं।

कुछ दिन पहले भी हमने इस बारे चर्चा की थी कि दोनों नेताओं का अपना-अपना मजबूत आधार है। लेकिन  विधायक बनने के बाद प्रकाश राणा की लोकप्रियता काफी घटी है, वहीं जिला परिषद बनने के बाद कुशाल भारद्वाज की लोकप्रियता काफी बढ़ी है।

जोगिन्दर नगर में कांग्रेस हाशिये पर चली गई है तथा कांग्रेस के पास एक भी ऐसा नेता नहीं है, जो अपने बलबूते 10 स्थानों पर 50-60 लोगों को भी जुटा सके। एक और प्रकाश राणा ने भाजपा में शामिल होकर गुलाब सिंह ठाकुर के खेमे पर चोट पहुंचाई है। तो दूसरी ओर भाजपा की मंडल कार्यकारिणी व मंडलाध्यक्ष धाम खाने लडभड़ोल चले गये।

इसी बीच जोगिन्दर नगर विधान सभा क्षेत्र में राणा जी के घर के पास के एक गांव में एक बहुत ही दु:खद घटना घटित हुई। एक युवा पति-पत्नी की जोड़ी दुर्घटना का शिकार होकर स्वर्ग सिधार गई और रोते बिलखते बच्चे अकेले रह गये।

बुद्धिजीवीयों का मानना है कि प्रकाश राणा को इस दु:खद घटना के कारण अपने स्वागत कार्यक्रम को स्थगित करवा देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और पूरे विधान सभा क्षेत्र में जमकर पटाखे व आतिशबाजी भी करवाई। लोग इसे वर्तमान विधायक की ओर से संवेदनशीलता नहीं दिखाना भी मान रहे हैं।

वहीं दूसरी और पंडित सुख राम के दाह संस्कार व श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने व उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए पिछले महीने कुशाल भारद्वाज ने अपने कार्यालय के उद्घाटन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था।

लोगों में चर्चा है कि एक तरफ प्रकाश राणा पटाखे व आतिशबाजी चलवा रहे थे तो कुशाल भारद्वाज ने जनता की पीने के पानी की समस्या के समाधान के लिए जल सत्याग्रह की शुरूआत की। लोगों के फोन आने पर उन्होंने तीन शादियों, एक बैठक में जाने का कार्यक्रम टाल दिया।

लोगों के अनुसार कुशाल भारद्वाज मुसीबत में जनता के साथ खड़े नजर आये। एक लाइव प्रोग्राम में उन्होंने खुद बताया कि लोगों की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने न केवल उपरोक्त कार्यक्रम स्थगित किये, बल्कि मृतक पति-पत्नी के परिजनों से मिलने का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया।

आज भी जोगिन्दर नगर के इन दो राजनीतिक आधार वाले नेताओं के बारे में हर कहीं चर्चा व तुलना होती रहती है।

क्यूँकि जल्दी ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा प्रकाश राणा को टिकट देती है या किसी और को। हालाँकि दोनों ही स्थितियां प्रकाश राणा के लिए चुनौती भरी होने वाली हैं ऐसा जानकारों का मानना है। वहीं दूसरी ओर जोगिन्दर नगर विधान सभा हलके के लोग लोकप्रिय कुशाल भारद्वाज को मुख्य विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

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