तेंदुए के जबड़े से मासूम बेटे को निकालकर ले आई जांबाज मां

आप सब ने फिल्मो में माँ को देखा होगा जो अपने बेटे को मौत के मुँह से भी वापस लाने की क्षमता रखती है । माँ के ऊपर आपने डायलॉग सुना होगा जैसे ‘माँ से बड़ी कोई योद्धा नहीं होती है’ । ठीक इस डायलॉग को सही साबित करते हुए फिल्म नहीं रियल लाइफ में एक माँ अपने बच्चे को तेंदुआ के जबड़े से निकालकर ले आई ।

तेंदुए के जबड़े से मां अपने बेटे को एक किमी पीछा करते हुए बचा लाई। मां पर तेंदुआ ने दो बार वार किया लेकिन माँ को तो बस अपने बच्चे को बचाना था। इस घटना के बाद से आदिवासी क्षेत्र में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। वहां साल भर के भीतर यह दूसरी घटना है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में चलाया जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

घटना संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन टमसार रेंज अंतर्गत बाड़ीझरिया गांव की है जहां रहने वाले एक बैगा आदिवासी परिवार की किरण बैगा ठंड से बचाने के लिए रविवार शाम सात बजे घर के सामने अलाव जलाकर तीन बच्चों के साथ बैठी हुई थी। तभी कुछ ऐसा हुआ जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे । पीछे से अचानक तेंदुआ आया और बगल में बैठे 8 वर्षीय बेटे राहुल को मुंह में दबाकर जंगल की ओर भाग गया।

तेंदुआ करीब एक किलोमीटर दूर बच्चे को ले गया और जंगल में ही एक जगह रुका और बालक को पंजों से दबोचकर बैठ गया था। इस दौरान महिला तेंदुए का पीछा करते हुए वह पहुंची । हिम्मत करके उसके पंजे से बच्चे को संघर्ष के बाद छुड़ाने में कामयाब हुई और फिर बच्चे को अपनी बांहों में कसकर लिपटा लिया।

बच्चे को छुड़ाने के बाद दूसरी बार तेंदुआ फिर वार किया तब वह उसके पंजे को पकड़कर जोर से धकेल दी और अपने बच्चे की जान बचाई। तब तक में गाँव के लोग भी पहुँच गए और लोगों की भीड़ आते देख तेंदुआ वहां से जंगल की ओर भाग गया। महिला घायल होने के बाद बेहोश हो गई जिसे ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया । फ़िलहाल बच्चा और माँ दोनों ठीक है ।

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