हिमाचल में 6 जगह बादल फटने के कारण 50 से ज्यादा लापता, 4 शव मिले

हिमाचल प्रदेश में छह जगह बादल फटने से व्यापक तबाही हुई है। बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात घटी इन घटनाओं में चार व्यक्तियों की मौत हो गई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं।

हिमाचल में 6 जगह फटा बादल

शिमला के रामपुर इलाके में गुरुवार तड़के बादल फटने के कारण कई घर, स्कूल और अस्पताल प्रभावित हुए। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि 36 लोग लापता हैं और तलाश एवं बचाव अभियान जारी है।

उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और स्पेशल होम गार्ड की टीमें मौके पर पुहंच गयी हैं, हालांकि टूटी सडक़ों के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में बाधाएं आ रही है।

इसी तरह मंडी के थलटुखोड़ क्षेत्र में आधी रात को विनाशकारी बादल फटने से मकान ढह गए और सड़क संपर्क बाधित हो गया, जबकि 9 लोग लापता हैं और एक शव बरामद किया गया है।

मंडी जिला प्रशासन ने वायुसेना को अलर्ट कर दिया है और एनडीआरएफ से सहायता मांगी है। एसडीआरएफ सहित कई बचाव दल क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद अथक प्रयास कर रहे हैं।

उपायुक्त अपूर्व देवगन खुद राहत प्रयासों की निगरानी के लिए पैदल ही प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे हैं। इसके अलाव कुल्लू में भारी बारिश के कारण मलाणा नाला क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है।

मलाणा वन और मलाना टू बिजली परियोजनाओं पर भारी असर पड़ा है और पार्वती नदी में जल स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया गया है।

इसके अलावा निरमंड क्षेत्र में पटवार खाना, होटल और दुकानों सहित 8-10 भवन बह गए है। यहां एक ही परिवार के सात सदस्यों सहित सात से 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय तहसीलदार और बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं। कई पुल नष्ट हो गए हैं और सडक़ें बंद हैं, जिससे बचाव कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही है।

खराब मौसम के कारण प्रभावित क्षेत्रों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से दूरभाष पर हालात की जानकारी ली है और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

सीएम सुक्खू ने आपदा पर एमर्जंेसी मीटिंग की है और जिला अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए है। उधर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों की ओर न जाएं और आवश्यक हो, तभी बाहर निकलें।

खराब मौसम ने रोका सीएम का हेलिकाप्टर
रामपुर के झाकड़ी में बादल फटने से 35 लोग लापता हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद हालात का जायजा लेने के लिए रामपुर के लिए निकले थे, लेकिन अन्नाडेल से सचिवालय लौट आए। खराब मौसम की वजह से उनका हेलिकाप्टर उड़ान नहीं भर पाया।

नड्डा ने सीएम से लिया हालात का जायजा
बादल फटने से हुए नुकसान और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात की और हालात की जानकारी ली। उन्होंने सीएम को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। जेपी नड्डा ने पूर्व सीएम और विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी बात की और सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को राहत कार्यों में जुटने का निर्देश दिया।

कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे बंद
ब्यास नदी का जल स्तर बढऩे से मनाली-कुल्लू नेशनल हाइवे बंद हो गया है। बिंदु ढांक में सड़क बह गई है। रायसन में शिरढ़ रिजॉर्ट के पास भी सडक़ को नुकसान हुआ है। इसके अलावा पलचान के समीप भी सडक़ बह गई है। नेहरूकुंड पुल को खतरा पैदा हो गया है। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे बंद होने से लोगों को लेफ्ट बैंक मार्ग से सफर करना पड़ रहा है।

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