द्रंग में मकान तले दबे 7 लोग, शिमला के शिवबाड़ी मंदिर में रेस्क्यू जारी

मंडी। मंडी जिला के द्रंग विधानसभा के कलेशधार चलाहर गांव में भारी बारिश से एक घर ढह गया, जिसमें कई लोग दब गए। इनमें से सात लोगों के शव निकाल लिए गए हैं, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू कर लिया गया है। एनडीआरएफ और कमांद पुलिस चौकी की टीम घटानस्थल पर मौजूद है और तलाशी अभियान में जुटी हुई है।

डीएसपी पधर संजीव सूद ने यह जानकारी दी है। इसके अलावा राजधानी शिमला के समरहिल मेंं मलबे की चपेट में आए प्राचीन शिवबाड़ी मंदिर में रेस्क्यू आपरेशन जारी है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला के समरहिल में शिव मंदिर के पास हुए दुखद भूस्खलन के बाद बचाव कार्यों की मौके पर निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जान बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वह भारी वर्षा के कारण हुई इस विनाशकारी घटना से प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए हार्दिक प्रार्थना करते हैं।

उधर, मानसून की बारिश से पिछले माह ही जख्मी हुए जिला कुल्लू को फिर से बरसात परेशान करने लगी है। सोमवार को जिला भर में खूब बारिश हुई, जिसके कारण जनजीवन फिर अस्त व्यस्त हो गया है।

जिला की पार्वती घाटी रूपी वैली सहित बजौरा व अन्य क्षेत्रों में बरसात की बारिश के कारण सडक़ों पर फिर से आफत आ गई है। जानकारी के अनुसार बजौरा क्षेत्र में बादल फटने से बजौरा नाला पूरे उफान पर आ गया है।

इस कारण लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है, वहीं नाले के किनारे कई घरों में पानी घुस गया है। इसके अलावा बजौरा निउल सड़क भूस्खलन के कारण बंद हो गई है।

यहां पर सोमवार सुबह मलबा सड़क पर आ गया और इसके कारण वाहनों की आवाजाही यहां पर ठप हो गई। हालांकि किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान की यहां कोई जानकारी नहीं मिली है।

बरसात के कारण भुंतर में ब्यास का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है तो बढ़े हुए पानी ने लोगों की टेंशन भी बढ़ा दी है।

घाटी में सुबह से ही बिजली व्यवस्था भी पटरी से उतरती हुई नजर आई ।प्रशासन ने लोगों से बारिश में किसी भी प्रकार का रिस्क ना लेने का आग्रह किया है।

उधर सोलन के कंडाघाट के तहत ममलीग में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस घटना में सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोगों को मलबे से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

बादल फटने से दो घर और एक गोशाला बह गई है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेसक्यू टीम ने बचाव कार्य को शुरू किया। अभी बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

मंडी जिला में सात मील के पास बादल फटने से एक टिपर और एक ट्रक बह गया है, जिससे 70 से 80 लोग फंसे हुए हैं। यहां आए फ्लड 10-15 घरों के लोग बीच में फंसे हैं।

दूसरी तरफ 6 मील के पास बादल फट गया है। कहीं के लिए भी बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। इसके अतिरिक्त समूचे हिमाचल से नुकसान की खबरे हैं।

लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई ने बंद मार्गों को बहाल करने में जुट गया है। पंडोह के पास ब्यास का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पंडोह बाजार को खाली करवाया जा रहा है। यहां तीन लोगों की मौत की खबर है।

उधर जोगिन्दरनगर क्षेत्र में बस्सी पॉवर हाउस के नजदीक कुंडनी गाँव के ठीक ऊपर छपरोट के पास बादल फटने की घटना की खबर आई है। जिससे गाँव के घरों को खतरा पैदा हो गया है।

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