पानी हमारी सबसे बड़ी संपदा, लेकर रहेंगे अपना अधिकार : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश की सबसे बड़ी संपदा पानी है और हम अपना अधिकार नहीं छोड़ेंगे। इस हक के लिए प्रदेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय गई है और वहां कानून के दायरे के तहत इस हक को जीता जाएगा।

सोमवार को सोलन पहुंचे मुख्यमंत्री पत्रकारों द्वारा शानन प्रोजेक्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रदेश सरकार ने प्रदेश की संपदा को लुटाया है, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार न तो प्रदेश की संपदा को लुटने देगी और न ही लुटाएगी।

शानन प्रोजेक्ट का मामला कोर्ट में है और इस मामले को बयानबाजी से नहीं, बल्कि कानूनी तौर पर लडक़र हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा प्रदेश में चल रहे अन्य प्रोजेक्टों में प्रदेश सरकार अपना हिस्सा लेकर रहेगी और इन्हें प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा।

प्रदेश में पाकिस्तानी नागरिकों के पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दिशा-निर्देशों के बाद यहां पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश छोडक़र चले जाने के लिए कहा गया है।

सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की नेशनल ट्रक व बस मीट में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी संपदा पानी को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह सजग है और हम अपना हक किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।

शानन प्रोजेक्ट के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है और वहां वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से पैरवी कर रहे हैं। प्रदेश के पानी के जरिए 12 हजार मेगावाट बिजली पैदा हो रही है और इसका फायदा एनटीपीसी, एनएचपीसी और एसजेवीएनएल को मिला।

एसजेवीएनएल, जिसमें सरकार की इक्विटी भी है, हमारे पानी से 67 हजार करोड़ की कंपनी बन गई और प्रदेश सरकार का बजट 58 हजार करोड़ का है।

हमने अपनी योजनाओं को बदला है। पिछली सरकार ने जो हमारी संपदा को लुटाया है, उसकी लड़ाई हम लड़ रहे हैं। शानन के साथ-साथ बैरा स्यूल को भी 40 वर्ष पूरे होने पर टेकओवर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त सुन्नी, लूहरी व धौलसिद्ध प्रोजेक्टों को भी हिमाचल सरकार लेगी। ये तीनों प्रोजेक्ट 686 मेगावाट के हैं। इन प्रोजेक्टों पर कार्य चल रहा है और जैसे ही फैसला आएगा, तो प्रदेश सरकार पैसा देकर इन प्रोजेक्टों को प्रदेश की जनता को समर्पित करेगी।

प्रदेश सरकार द्वारा एक बार फिर 1300 करोड़ रुपए के ऋण लेने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ऋण की निरंतर प्रक्रिया है और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुमोदन पर राज्य की जीएसडीपी पर तीन प्रतिशत ऋण प्राप्त होता है।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *