विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज के नड्डी क्षेत्र स्थित पवित्र डल झील रविवार सुबह भक्ति और आस्था से सराबोर दिखाई दी।

राधाष्टमी पर्व के अवसर पर यहां शाही स्नान का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। सुबह तड़के 5 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ इस धार्मिक आयोजन की शुरूआत हुई।
जैसे ही पहले पुजारी ने झील में स्नान किया, वैसे ही श्रद्धालुओं का हुजूम ‘जय श्री राधे-कृष्ण’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ झील में डुबकी लगाने लगा। डल झील का नजारा किसी आध्यात्मिक मेले से कम नहीं लग रहा था।
स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन को मिनी मणिमहेश यात्रा भी कहते हैं। मान्यता है कि जो श्रद्धालु चम्बा जिले की कठिन मणिमहेश यात्रा में नहीं पहुंच पाते, वे यहां डल झील में स्नान करके उसी तरह का पुण्य प्राप्त करते हैं।
इसी आस्था के कारण हर वर्ष राधाष्टमी पर यहां स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है।
इस अवसर पर वूल फैडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने पुजारियों संग विशेष पूजा-अर्चना की।
गागर में भरकर लाए गए पवित्र डल झील के जल से पास ही स्थित शिव मंदिर के शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। इस दाैरा पूरा वातावरण घंटियों की गूंज, शंखनाद और भजन-कीर्तन से गूंजता रहा।
बता दें कि सुबह से ही झमाझम बारिश होती रही, जिसके चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम रही।
फिर भी जो लोग पहुंचे, उनकी श्रद्धा और उत्साह में कोई कमी नहीं थी। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में खड़े होकर शाही स्नान किया और भगवान के जयकारे लगाए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस और होमगार्ड जवान लगातार तैनात रहे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। झील के आसपास सुरक्षा बैरिकेड लगाए गए थे।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया था ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत मदद मिल सके।