स्थानीय जनता ने शानन पोस्ट आफिस दफ्तर में जाने से रोके कर्मचारी

जोगिन्दरनगर : 60 वर्षों से शानन में कार्यरत ऐतिहासिक डाकघर को बिना नोटिस एवं जन-सहमति के बंद जाने को लेकर लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को स्थानीय जनता ने डाकघर को बंद करने का कड़ा विरोध करते हुए कर्मचारियों का घेराव किया और उन्हें कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।

लोगों ने आक्रोश के चलते पोस्ट आफिस दफ्तर में जाने से रोके कर्मचारी

नगर परिषद जोगिन्दरनगर के वार्ड 7 स्थित उप डाकघर को लेकर चल रहा जन आंदोलन मंगलवार को उस समय और तेज हो गया जब डाक विभाग के निर्णय के अनुसार डाक विभाग के दो कर्मचारी उप डाकघर को सप्ताह में दो दिन (मंगलवार व शुक्रवार) खोलने के लिए शानन पहुंचे, लेकिन स्थानीय जनता ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कर्मचारियों का घेराव किया और उन्हें कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।

इस दौरान शानन सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। मौके पर मौजूद शानन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ राकेश धरवाल, ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सप्ताह में केवल दो दिन उप डाकघर खोलना जनता की मांगों के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने दोहराया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शानन उप डाकघर को पहले की तरह सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में पूर्ण रूप से बहाल नहीं किया जाता।डॉ. धरवाल ने कहा कि इस उप डाकघर को बिना किसी पूर्व सूचना के रातों-रात बंद कर दिया गया,

जिससे शानन, स्योरी, छपरोट, जिमजिमा, सेरी, कुप्पड़, हराबाग सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने बताया कि विभाग के इस मनमाने फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि जनता के अधिकारों की रक्षा हो सके।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डाक विभाग ने शीघ्र ही उप डाकघर को पूर्ववत पूर्ण रूप से बहाल नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आने वाले दिनों में मंडी में डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का घेराव किया जाएगा और आवश्यकता पडऩे पर चक्का जाम जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी एक स्वर में कहा कि ऐतिहासिक शानन उप डाकघर किसी अस्थायी व्यवस्था से नहीं, बल्कि स्थायी समाधान से ही चलेगा।