सुक्खू सरकार ने विधानसभा में पेश कीं 40,461 करोड़ रुपए की अनुपूरक मांगें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 40,461.95 करोड़ रुपए की अनुदान की अनुपूरक मांगे विधानसभा में पेश की।

इन मांगों में से 36,374.61 करोड़ रुपए राज्य की योजनाओं के लिए और 4,087.34 करोड़ रुपए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं।

वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में बताया कि राज्य की योजनाओं के तहत मुख्य आबंटन में रिजर्व बैंक से लिए गए अस्थायी ऋृण और ओवरड्राफ्ट के पुनर्भुगतान के लिए 26,194.95 करोड़ रुपए, बिजली सबसिडी और बिजली के बुनियादी ढांचे के लिए 4,150.14 करोड़ रुपए शामिल हैं।

इसके अलावा प्राकृतिक आपदा राहत के लिए 818.20 करोड़ रुपए, जल आपूर्ति और स्वच्छता के लिए 785.22 करोड़ रुपए तथा हिमकेयर, सहारा, मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी और उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसी स्वास्थ्य पहलों के लिए 657.22 करोड़ रुपए मांगे गए हैं।

अन्य आबंटन शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, सडक़ों, पुलों, समाज कल्याण कार्यक्रमों और राज्य विकास परियोजनाओं के लिए हैं।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए प्रमुख आवंटन में आपदा प्रबंधन के लिए 2,453.97 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 688.40 करोड़, श्री रेणुकाजी बांध विस्थापितों के मुआवजे के लिए 352.18 करोड़ रुपए और पीएम आवास योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय आयुष मिशन व सिंचाई परियोजनाओं जैसी योजनाओं के लिए धन शामिल है।

सरकार ने वर्तमान और नई विकास पहलों को जारी रखने के लिए इन अनुपूरक अनुदान मांगों के लिए विधानसभा की मंजूरी मांगी है।

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