150 वर्ष बाद दिखाई देगा सूर्य ग्रहण का ऐसा नज़ारा

वलयकार सूर्य ग्रहण का प्रभाव श्री शारदा ज्योतिष निकेतन की नजर में

गुरूवार, 26 दिसंबर को साल का तीसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा, इस बार ग्रहण के दौरान सूर्य भारत में आग से भरी अंगूठी की तरह नजर आएगा। अतः इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण भी कह सकते हैं। 26 दिसंबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण में ऐसा नजारा लगभग 150 साल बाद दिखाई देगा, यह हरियाणा समेत कई राज्यों में खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा।

ग्रहण का सूतक

ग्रहण का सूतक 25 दिसंबर रात 8 बजे से शुरू होकर 26 दिसंबर दोपहर 1.35 पर समाप्त होगा।
*धनु राशि में 6 ग्रहों का संयोग
*पौष की अमावस्या पर गुरुवार, मूल नक्षत्र, वृद्धि योग, नाग करण की साक्षी में कंकण आकृति का सूर्य ग्रहण होगा धनु राशि पर होने वाले ग्रहण में सात ग्रह मौजूद रहेंगे।

यह ग्रहण 2.46 घंटे दिखाई देगा

*ग्रहण का सूतक 25 दिसंबर 2019 को रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होगा, जो 26 दोपहर 1.35 बजे तक रहेगा।
ग्रहण का स्पर्शकाल, 26 दिसंबर को प्रात 8.11 मिनट से ग्रहण शुरू होगा, मध्यम काल 9.27 बजे, मोक्ष प्रात: 10.57 मिनट होगा।
ग्रहण का पूर्वकाल:- ग्रहण का पूर्वकाल कुल 2 घंटे 46 मिनट का रहेगा, संभव है

सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

*उत्तम फलदायक- कर्क, तुला, कुंभ, मीन
*मध्यम फलदायक- मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक,
*अशुभ फलदायक- वृषभ, कन्या, धनु, मकर,

सूर्य ग्रहण 26/12 : सूतक 25 दिसंबर 2019 की रात 8 बजे से शुरू होगा

अंतिम सूर्यग्रहण का सूतक 25 दिसंबर 2019 की रात 8 बजे से शुरू होगा, इस समय धनु राशि वाले लोगों के लिए व मूला नक्षत्र में पैदा होने वाले लोगों के लिये कष्टप्रद रहेगा।

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