अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा शानन पावर हाउस
जोगिन्दरनगर : जोगिन्दरनगर के लिए जो रेल लाइन और बीच कैम्प होते हुए बरोट तक ट्रॉली लाइन अंग्रेज देकर गए हैं क्या कारण हैं कि यह अनमोल विरासत आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. रेल सेवा और शानन पॉवर हाउस की वजह से जोगिन्दरनगर को एक पहचान मिली है लेकिन क्या सरकारें इस विरासत को कायम रख पाई हैं यह जग जाहिर है. अब पंजाब सरकार की अनदेखी के कारण उहल नदी से वाया 18 नम्बर होते हुए शानन पॉवर हाउस तक आने वाले पानी के पाइप भी फट चुके हैं इनकी देखभाल भी सही ढंग से नहीं हो रही है. अगर ये पाइप फटा तो आने वाले समय में भारी नुकसान हो सकता है. हजारों गैलन पानी नीचे रह रही आबादी को नुकसान पहुंचा सकता है और पावर हाउस को भी.
शानन पावर हाउस का किया बेड़ा गर्क
इसमें कोई संदेह नहीं कि पंजाब सरकार ने शानन पावर हाउस का बेड़ा गर्क कर दिया है. शानन पावर हाउस का सही ढंग से रखरखाव तक नहीं किया जा रहा है. पहले निश्चित अंतराल पर पानी के पाइपों की देखभाल की जाती थी, पेंट भी किया जाता था ताकि जंग न लगे. मगर अब पेंट करना भी बंद कर दिया है.

आबादी को हो सकता है खतरा
यह फटे पाइप की तस्वीर राजेश चंदेल जी ने भेजी है. दो दिन से पानी लीक हो रहा है. न इसे ठीक किया गया, न पानी रोका गया. ईश्वर न करे, अगर ये पाइप फटा तो भारी नुकसान हो सकता है. हजारों गैलन पानी नीचे रह रही आबादी को नुकसान पहुंचा सकता है और पावर हाउस को भी.










