हिमाचल में शिक्षा बोर्ड की एफीलिएशन से चल रहे सरकारी स्कूलों को सीबीएसई में कन्वर्ट करने की प्रक्रिया जारी है। राज्य के शिक्षा विभाग ने चार और स्कूलों को नए सिस्टम में नोटिफाई कर दिया है। इनमें से एक शिमला और तीन मंडी जिला के हैं।
सीबीएसई बोर्ड मेें राज्य सरकार के चार और स्कूल ट्रांसफर होंगे। इनमें सीनियर सेकेंडरी स्कूल ननखड़ी शिमला, करसोग का पांगणा और तेबन स्कूल, मंडी जिला का ही पद्धर स्कूल को शामिल किया गया है।
इससे अब सीबीएसई स्कूलों की संख्या 151 हो गई है। राज्य सरकार ने नई शिक्षा सत्र से 100 स्कूलों को सीबीएसई में कन्वर्ट करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन कहीं कांग्रेस के विधायक डिमांड कर रहे हैं, तो कहीं आम जनता से यह मांग आ रही है।
इस कारण लिस्ट बढ़ते बढ़ते 151 स्कूल हो गए हैं। अभी भी राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को यह विंडो क्लोज करने के लिए नहीं कहा है।
हालांकि नए शिक्षा सत्र की पढ़ाई शुरू होने वाली है। इन स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा हालांकि 2028 में होगी। चयनित किए गए स्कूलों में अगले साल की बोर्ड परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही होनी है।
इसलिए स्कूलों को तैयारी करने का मौका मिल जाएगा। लोगों से आ रही मांग को देखते हुए ही कई और स्कूल इसमें अब जोड़े गए हैं। इन स्कूलों को सीबीएसई पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
राज्य सरकार ने सीबीएसई में कन्वर्ट किए गए स्कूलों में होने वाले एडिशनल काम के लिए भी अलग से निगरानी की प्रक्रिया बनाई है। हालांकि इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति अभी सबसे बड़ी चुनौती है।
एक तरफ राज्य चयन आयोग से अभी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई है और दूसरी तरफ टीचर्स का स्क्रीनिंग एग्जाम हाई कोर्ट में उलझा है।
स्क्रीनिंग टेस्ट पर हाई कोर्ट पहुंचा एक और केस
सीबीएसई स्कूलों के लिए शिक्षकों के स्क्रीनिंग टेस्ट के खिलाफ एक और केस हाई कोर्ट पहुंच गया है। इसकी सुनवाई 17 तारीख यानी मंगलवार को होगी।
इससे पहले दायर हो चुके केस की सुनवाई 23 तारीख को तय हुई है। यह नौ शिक्षक संगठनों के ज्वाइंट फ्रंट में एक साथ दायर किया है। दूसरी तरफ शिक्षा बोर्ड ने 22 मार्च को एग्जाम की तिथि तय की थी।































