हिमाचल में फिर से होगी बारिश और बर्फ़बारी

हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर से करवट बदलने वाला है। लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात के कारण हिमस्खलन और भूस्खलन की घटनाओं से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और जिले भर में 104 सड़कें बंद हो गई हैं।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सड़कों पर बर्फ जमा होने के कारण दारचा से शिंकुला टॉप और ग्राम्फू-बातल जैसे मुख्य मार्ग बंद हैं, जबकि कुछ हिस्सों में केवल आंशिक रूप से ही यातायात बहाल हो पाया है।

जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है और लोगों से ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बर्फ जमा होने और बढ़ते तापमान के कारण हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, विशेष रूप से 2,700 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों में।

हिमाचल प्रदेश में दो दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद फिर से बारिश और हिमपात का दौर शुरू होने वाला है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 मार्च से राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात का अनुमान जताया है।

चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

मौसम बुलेटिन के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे अफगानिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में इस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, जबकि एक अन्य प्रणाली के 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। रविवार को मौसम ज्यादातर साफ रहा, हालांकि दोपहर में बादल बढ़ने से तापमान में मामूली गिरावट आई।

विभाग ने उल्लेख किया कि न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जबकि राज्य के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

मनाली जैसे कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई है और पूर्वानुमान के अनुसार 28 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश और हिमपात का दौर जारी रहेगा। मौसम के 24 और 25 मार्च को संक्षिप्त रूप से शुष्क रहने की संभावना है।