पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ढूंढ निकाले बिशप कॉटन स्कूल के लापता छात्र

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अपनी दक्षता और टीम वर्क का एक उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए बिशप कॉटन स्कूल, शिमला के तीन लापता लड़कों को उनके लापता होने के 24 घंटों के भीतर सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला और बरामद किया।

इन छात्रों को 24 घंटे के अन्दर पुलिस ने ढूंढ निकाला

बिशप कॉटन स्कूल, शिमला के प्रधानाचार्य मैथ्यू पी जॉन की लिखित शिकायत पर पुलिस स्टेशन न्यू शिमला में एफआईआर नंबर 20/2025, धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने विभिन्न टीमों का गठन किया और लापता लड़कों को ट्रैक करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की।

विशिष्ट सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीमों ने कोटखाई क्षेत्र के पास एक घर को चिन्हित किया, जहां से आज सुबह लड़कों को सुरक्षित बरामद किया गया।

एसएसपी शिमला और पूरी शिमला पुलिस टीम को बधाई देते हुए, आईपीएस अशोक तिवारी, डीजीपी हिमाचल प्रदेश ने कहा, “एसएसपी शिमला और पूरी शिमला पुलिस टीम को उनकी निष्ठा और मेहनत के लिए बधाई।

यह सफलता हिमाचल प्रदेश पुलिस का नया चेहरा दर्शाती है, जहां हर रैंक एक टीम के रूप में काम करती है ताकि त्वरित और प्रभावी परिणाम दिए जा सकें।”

हिमाचल प्रदेश पुलिस नागरिकों के जीवन और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और यह सफल बरामदगी उनके पेशेवरपन और समर्पण को प्रदर्शित करती है।

बता दें कि बिशप कॉटन स्कूल के तीन छात्र शनिवार को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। छठी कक्षा में पढ़ने वाले ये बच्चे शनिवार को आउटिंग के लिए माल रोड गए थे, लेकिन बाकी बच्चों के साथ वापस नहीं लौटे।

इनमें एक कुल्लू, दूसरा पंजाब के मोहाली और तीसरा हरियाणा के करनाल का निवासी था। स्कूल प्रशासन को जब उनकी गैरमौजूदगी का पता चला, तो तुरंत न्यू शिमला पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों छात्रों को बाद में शहर के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर माल रोड पर देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आज रविवार को पुलिस ने तीनों छात्रों को बरामद कर किडनैपर को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि बिशप कॉटन स्कूल स्कूल देश के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक है, जहां भारत के अलावा विदेशों से भी बच्चे पढ़ने आते हैं।

यह स्कूल 1859 में स्थापित हुआ था और देश-विदेश के कई नामी उद्योगपतियों व प्रतिष्ठित परिवारों के बच्चे यहां पढ़ चुके हैं।

वर्तमान में भी यहां ज्यादातर छात्र बाहरी राज्यों से पढ़ने आते हैं। इतने बड़े स्कूल से छात्रों का इस तरह से लापता हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

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