हिमाचल में रेल को चाहिए विस्तार, इस बार मेहरबानी करेगी केंद्र सरकार !!

पहली फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तिय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही हैं। एक बार फिर से सबकी निगाहें केंद्रीय बजट पर टिकी हैं। इस बार केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए रेलवे विस्तार के क्षेत्र में बड़ी सौगात की उम्मीद है।

हिमाचल में रेल को चाहिए विस्तार

गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में यातायात के वैकल्पिक साधन के रूप में रेल सेवा अब धीरे-धीरे प्रदेशवासियों की पहली पसंद बनती जा रही है। हालांकि हिमाचल में एकमात्र ऊना जिला अभी तक ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ पाया है, लेकिन इसके बावजूद हजारों यात्री रोजाना ऊना, अंब-अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशनों से देश के दूर-दराज क्षेत्रों में आवागमन कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के भीतरी क्षेत्रों में अभी तक रेल यात्रा संभव नहीं हो पाई है। नंगल डैम से तलवाड़ा तक 83.740 किलोमीटर लंबी रेललाईन के तहत अभी तक दौलतपुर चौक तक 60 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है।

इस परियोजना के अंतर्गत चार रेल सेक्शन बनकर तैयार हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश की सीमा में ऊना से लेकर दौलतपुर चौक तक रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है।

जबकि इससे आगे पंजाब के करटोली तक अगले रेलवे सेक्शन के लिए करीब 11 किलोमीटर ट्रैक बिछ गया है तथा ट्रायल रन भी किया गया है।

1982-83 में रेलवे बजट की पिंकबुक आइटम थ्री के अंतर्गत इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती दौर में नंगल डैम से तलवाड़ा रेललाइन के 82.74 किलोमीटर ट्रैक निर्माण के लिए 33.49 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई थी।

इसमें तलवाड़ा से आगे मुकेरियां के मध्य 29.16 किलोमीटर रेल सेक्शन भी शामिल था। पिछले चार दशकों के दौरान धीमी रफ्तार से चली इस रेल परियोजना की लागत 33.49 करोड़ से बढक़र अब 2018 करोड़ पहुंच गई है, जबकि तलवाड़ा-मुकेरियां रेल सेक्शन के लिए भी 471.38 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है।

मुकेरियां तक इस लाइन के जुड़ने के बाद अंबाला कैंट, लुधियाणा, जालंधर सिटी, जालंधर कैंट, पठानकोट व जम्मू तवी सेक्शन के लिए यह वैकल्पिक रेल रूट बन पाएगा।

यह प्रोजेक्ट पठानकोट व लेह के मध्य भी रेल लिंक स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

नंगल डैम से लेकर तलवाड़ा तक कुल 43 मेजर पुल, 154 माइनर पुल, 32 रोड अंडर ब्रिज, 19 रोड ओवर ब्रिज, 12 लेबल एक्स क्रॉसिंग्स शामिल हैं।

नंगल डैम से शुरू इस परियोजना के तहत अभी तक ऊना हिमाचल, चुरुडू-टकारला, अंब-अंदौरा, चिंतपूर्णी मार्ग व दौलतपुर चौक स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि करटोली में भी रेलवे स्टेशन बन कर तैयार है। इसके अलावा नया नंगल, पनोह व राय-मैहतपुर तीन हॉल्ट स्टेशन भी बन चुके हैं।

रेलवे के नाम हो चुकी है जमीन

तलवाड़ा-मुकेरियां रेल सेक्शन के तहत 29.160 किलोमीटर रेल टै्रक का निर्माण होगा। इसके लिए भूमि पहले ही रेलवे विभाग के नाम हो चुकी है।

471.38 करोड़ रुपए इस ट्रैक को बिछाने पर व्यय होंगे। इसमें 29,16000 क्यूमिक अर्थ वर्क होगा, जबकि 11 मेजर पुल, 79 छोटे पुल, 31 रोड़ अंडर ब्रिजिस, 3 रोड़ ओवर ब्रिजिस बनेंगे।

साथ ही मुकेरियां के अलावा तलवाड़ा, हाजीपुर व पटियाल रेलवे स्टेशन बनेंगे।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *