हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव से पहले 40 नई पंचायतों का गठन होगा। इनमें से अधिकांश का ड्राफ्ट पंचायती राज विभाग ने जारी कर दिया है। 19 फरवरी तक नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इसके बाद बाउंड्री को फ्रीज कर दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग को भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की लिखित कॉपी मिल गई है, जिसमें 30 मई तक चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के आदेश हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला, चंबा, मंडी, सिरमौर और जिला सोलन में कुछ ग्राम सभा क्षेत्रों के विभाजन और पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है।
यह आदेश 13 फरवरी, 2026 को शिमला से जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने नई पंचायतों का ड्राफ्ट जारी कर पांच दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव भेजने को कहा है।
सरकार ने यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया है। इसके तहत कुछ मौजूदा ग्राम सभाओं को विभाजित कर नई ग्राम सभाओं का गठन किया जाएगा।
- सोलन जिला में ढांग ऊपरली, गुरुमाजरा, गुलाबपुरा, सिरमौर जिला में टोकियों, चामरा मोहराड़,
- शिमला जिला में शिलांग बाग, टिपरा, क्यारकोटी, कथांडी, चमियाणा,
- कांगड़ा जिला में कोहसान, दियोठी, गंगध-दो, राजगीर, धंतोल, छब्बड़, हरनोटा-दो, हटवास झिकता, हलेडखुर्द, पुरानी पलम, सूजन्ता, बरवाड़ा, सूरजपुर,
- मंडी जिला में डोहग, छतर, मनोह एवं
- ऊना जिला में लोअर ललड़ी, ईसपुर टांडा, गुरपलाह, मझलियां, ठाकुरद्वारा, जखेवाल,
- हमीरपुर जिला में चमराल, नघु, लंजयाणा और
- बिलासपुर जिला में डूहक, मनोह, देहरा हटवाड़, कुठेड़ा मरहाणा,
- चंबा जिला में तागी, भासुआ, संघनी नई ग्राम सभा बनाई जाएंगी।
सरकार ने कहा है कि यदि किसी संबंधित व्यक्ति या ग्राम सभा सदस्य को इस पुनर्गठन पर कोई आपत्ति या सुझाव देना हो, तो वह अधिसूचना जारी होने की तारीख से पांच दिनों के भीतर संबंधित उपायुक्त के पास लिखित रूप में दे सकता है।
निर्धारित समय के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। अंतिम निर्णय उपायुक्त करेंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित जिलों के उपायुक्त अंतिम निर्णय लेकर नई ग्राम सभाओं के गठन की अधिसूचना जारी करेंगे।































