धौलाधार की वादियों को करीब से निहार सकेंगे सैलानी

धर्मशाला-मकलोडगंज रोप-वे योजना के साथ  प्रस्तावित आदि हिमानी चामुंडा रोप-वे योजना अब नए प्रारूप से शुरू होगी। तकनीकी खामियों के चलते शुरू न हो पाने वाली पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण इस योजना को मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू होने की उम्मीद जगी है।  पर्यटन विभाग और टैंपल ट्रस्ट चामुंडा माता के बीच में हुए एमओयू के बाद तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण इस रोप-वे के बनने से देवभूमि में आने वाले श्रद्धालुओं को भी पर्यटन से जोड़ने की मुहिम से यहां के कारोबार में भी इजाफा होगा और सैलानी भी नजदीक से धौलाधार की वादियों का लुत्फ उठा सकेंगे। धर्मशाला मकलोडगंज और चामुंडा मंदिर से आदि हिमानी चामुंडा के लिए दोनों रोप-वे परियोजनाओं की घोषणा वीरभद्र सरकार में पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के कार्यकाल में हुई थी, लेकिन धर्मशाला मकलोडगंज रोप-वे योजना का काम तो शुरू हो गया पर चामुंडा से आदि हिमानी चामुंडा रोप-वे का काम तकनीकी खामियों के चलते अधर में ही लटक गया।

जिन कंपनियों के साथ काम करने का करार हुआ था उन्होंने क्षेत्र के मौजूदा हालात को देखते हुए अपने हाथ पीछे खींच लिए।  शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय के बाद पर्यटन विभाग और टैंपल ट्रस्ट चामुंडा के बीच एमओयू के बाद एक बार फिर से चामुंडा से आदि हिमानी चामुंडा रोप-वे परियोजना के शुरू होने की उम्मीद जगी है। रोप-वे सुविधा मिलने  से  धार्मिक स्थलों पर शीश नवाने आने वाले श्रद्धालु धौलाधार की रोमांचित कर देने वाली वादियों का भी आनंद ले सकेंगे।

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