दशकों पुरानी मांग पूरी होने की कगार पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भुभू जोत टनल निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने से द्रंग विधानसभा क्षेत्र सहित चौहारघाटी में खुशी की लहर दौड़ गई है।

इस ऐतिहासिक निर्णय को क्षेत्रीय विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का हार्दिक आभार जताया है।
भुभू जोत टनल मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग को कुल्लू-लरजी घाटी से सीधे जोड़ेगी, जिससे मंडी और कुल्लू के बीच की दूरी में 60-70 किलोमीटर की कमी आएगी।
भारी बर्फबारी और भूस्खलन से प्रभावित दुर्गम पर्वतीय मार्गों पर यह टनल ऑल वेदर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। सामरिक दृष्टि से यह सेना, सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं के लिए वरदान साबित होगी, खासकर कांगड़ा सेक्टर में।
एनएचएआई के अनुसार, टनल की लंबाई लगभग कितने किलोमीटर होगी ये बाद में तय होगा, जो हिमाचल के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शुमार हो जाएगी।
केंद्र सरकार ने डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के आदेश 5 फरवरी 2026 तक जारी कर दिए हैं, जिससे निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।
पर्यटन की दृष्टि से यह परियोजना चमत्कारी साबित होगी। चौहारघाटी, कुल्लू और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य वाले क्षेत्रों में पर्यटकों का प्रवाह बढ़ेगा।
बेहतर सड़क संपर्क से होटल, होमस्टे, एडवेंचर टूरिज्म, परिवहन सेवाएं और स्थानीय उत्पादों (जैसे शहद, हस्तशिल्प, जड़ी-बूटियां) से जुड़े कारोबार फलेंगे-फूलेंगे।
बहाल हुई बरोट-मुल्थान-घटासनी सड़क
बरोट-मुल्थान-घटासनी मुख्य सड़क पर यातायात बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग की कड़ी मशक्कत आखिरकार रंग लाई।
लगातार चार दिन की मेहनत के बाद झटींगरी सेक्शन के तहत इस महत्वपूर्ण सड़क को छोटी और बड़ी दोनों श्रेणी के वाहनों के लिए खोल दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
बर्फबारी और खराब मौसम के चलते यह मार्ग बंद था, जिससे बरोट, मुल्थान और आसपास के इलाकों का संपर्क प्रभावित हो गया था।






























