अब आठवीं कक्षा के बच्चे भी आएंगे स्कूल, साथ में लाना होगा लंच

राज्य के सरकारी स्कूल में सोमवार से 8वीं से 12वीं कक्षा के बच्चे रेगुलर कक्षाओं के लिए आएंगे।आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए स्कूलों में मिड डे मील नहीं मिलेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि बच्चों को लंच साथ ही लाना होगा।

सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को दोपहर का खाना स्कूल में ही दिया जाता है लेकिन अभी इस बारे में शिक्षा विभाग को केंद्र की ओर से निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि कोविड का खतरा अभी कम नहीं हुआ है ऐसे में स्कूलों में खाना बनाने का रिस्क नहीं लिया जा सकता। संक्रमण के डर से शिक्षा विभाग मिड डे मील को नवंबर तक शुरू नहीं करना चाहता।

हालांकि अभी तक छात्रों को सूखा राशन घर तक ही पहुंचाया जा रहा है और आगे भी यह व्यवस्था जारी रहेगी। दिवाली के बाद शिक्षा विभाग की केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ रिव्यू बैठक होगी। अगर इस बैठक में मंजूरी दी जाती है, तो फिर उसे शुरू किया जा सकता है। दिवाली के बाद कोरोना के मामले अगर कम हो जाते है, तो ऐसी स्थिति में पहली से लेकर आठवीं तक के छात्रों को स्कूल में ही दोपहर का पका हुआ खाना मिलेगा।

गौर रहे कि पिछले डेढ़ साल से स्कूलों में छात्रों को दोपहर के खाने की जगह पर सूखा राशन दिया जा रहा है। कई ऐसे भी स्कूल है, जहां पर छात्रों को राशन न मिलने की शिकायतें आ रही है। शिक्षा विभाग ने इस बाबत भी सभी स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है। वहीं अभी तक मिड-डे मील का जो रिकॉर्ड तैयार किया है उसके बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है।

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