4 साल बाद बहाल हुई रेल सेवा फिर से संकट में
पठानकोट-जोगिन्दरनगर रेलमार्ग पर नूरपुर रोड-तलाड़ा रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के एक तरफ भारी बारिश के कारण जमीन धंसने से उत्तरी रेलवे के जम्मू डिवीजन को मंगलवार सुबह ट्रेन सेवा निलंबित करनी पड़ी।
4 वर्षों बाद पुनः शुरू हुई थी रेल सेवा
खबरों के अनुसार, पठानकोट और बैजनाथ-पापरोला रेलवे स्टेशन के बीच चलने वाली यात्री ट्रेनों की दो जोड़ियां जुलाई में फिर से शुरू की गई थीं, जिन्हें सक्रिय मानसून के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर जुलाई से निलंबित रखा गया था।
नूरपुर के कंडवाल स्थित पुराने अंतरराज्यीय चक्की रेलवे पुल के बह जाने के बाद लगभग चार वर्षों तक निलंबित रहने के बाद इन ट्रेनों का परिचालन 2 जून को फिर से शुरू हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्र की जीवन रेखा है रेल
रेलवे विभाग ने एक नया पुल बनाया और कांगड़ा घाटी रेलवे सेवा पर सात में से केवल दो जोड़ी ट्रेनों को ही आंशिक रूप से बहाल किया गया, जिसे कांगड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा माना जाता है।
आंशिक बहाली और मानसून के दौरान बार-बार होने वाले निलंबन से हजारों दैनिक रेल यात्रियों को निराशा हुई है।
रेल सेवा बहाली बारे होगा निर्णय
उत्तरी रेलवे के जम्मू डिवीजन के प्रवक्ता से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि रेलवे इंजीनियरिंग विंग की तकनीकी टीम रेल पटरी के पास धंसे हुए इलाके का मुआयना करेगी और प्रभावित पटरी पर रेल सेवा बहाल करने के संबंध में अधिकारियों द्वारा आगे का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और कोई जोखिम नहीं उठा सकता।







