मंडी जिला में भारी बारिश से एनएच समेत 6 सडकें हुईं बंद

मंडी जिला में सोमवार को भारी बारिश के कारण जहां जिला भर में आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद रही। वहीं एनएच मंडी कुल्लू मनाली भी भूस्खलन की वजह से सात मील के संदली के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण बंद हो गया है। इस मार्ग के बंद होने के कारण वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग किए जाने वाली बजौरा कटौला मंडी सड़क भी कनोज के पास मलबा व चट्टाने गिरने के कारण दोपहर बाद बंद हो गई है, जिससे पर्यटकों के हजारों वाहन मंडी कुल्लू के बीच फंस गए हैं और चंडीगढ़ से कुल्लू मनाली का संपर्क कट गया है।

इसके साथ ही जिला में 47 विद्युत ट्रांसफार्मर बंद पड़े हुए हैं। जबकि आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो गई है। पहली ही बारिश में लोक निर्माण विभाग को 1.17 करोड़ की चपत लगी है। उहल.वैली बरोट, कुफ री निहौन मार्ग, नारायण गलू शैटाधार, टपनाली खौली मार्ग और पैंथल सनारली मार्ग पर यातायात बाधित रहा। यहां छह निगम और सरकारी बसें फंसी रही।

जिससे लोगों को परेशानी का सामाना करना पड़ा। तेज बारिश से 47 ट्रांसफार्मर ठप रहे। करसोग उपमंडल में 9, सरकाघाट में 1 और जोगिंद्रनगर में 37 ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों घरों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। एनएच मंडी मनाली मार्ग पर औट और सात मील के पास रूक रूक कर पत्थर गिरते रहे। वाहनों को वाया बजौरा भेजना पड़ा। देर शाम तक प्रशासन व्यवस्था दुरूस्त करने में लगा हुआ था।

वहीं धर्मपुर उपमंडल में 1 गोशाला तबाह होने की सूचना है। एक पक्के व कच्चे मकान का नुकसान हुआ है। लोनिवि को जिला भर में 1.17 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार ने बीते रोज से जारी बारिश के कारण जिला में कुछ जगहों पर विद्युत सेवाएं और सड़कें प्रभावित हुई हैं। उन्हें जल्द से जल्द पुन: बहाल करने के लिए विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मशीनरी के साथ मौके पर काम में जुटे हैं। 12 जुलाई शाम तक प्राप्त सूचना के मुताबिक जिला में 47 विद्युत ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। जिसमें जोगिंद्रनगर उपमंडल में 37, करसोग में 9 तथा सरकाघाट क्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर सम्मिलित हैं ।

उन्होंने बताया कि जिला में 5 सड़कें भी प्रभावित हुई हैं, उन्हें भी बहाल करने का काम किया जा रहा है। बता दें कि देर शाम आठ बजे एनएच मंडी कुल्लू को बहाल कर दिया गया है। वहीं, विक्टोरिया पुस के पास एनएच पर एक बड़ा पत्थर अचानक पहाड़ी से आ गिरा और एक यात्री वाहन बाल बाल पत्थर की चपेट में आने से बच गया।

हिमाचल में येलो अलर्ट के बीच सोमवार को मंडी -कटौला-बजौरा मार्ग पायल के पास पहाड़ी पथर गिरने से चार घंटे बाधित रहा। जिला मंडी में सोमवार को झमाझम बादल बरसे और ईलाका उतरशाल की कई सड़कों में भूस्खलन व पत्थर गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं कटौला बाजार में भी भूस्खलन से सड़कें बुरी तरह से मिट्टी से भर गई थीं।

उपमंडल में सोमवार दोपहर अचानक भारी बारिश से सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। गौर रहे कि मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 15 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान लगाया है तथा यह क्रम 17 जुलाई तक भी जारी रह सकता है। 24 घंटों के दौरान तापमान में गिरावट आंकी गई है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है तथा लोगों को सचेत रहने के लिए परामर्श दिया गया है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी नालों के समीप न जाएं।

लडभड़ोल तहसीलदार मेघना गोस्वामी ने कहा कि बरसात की पहली बारिश से हुई तबाही को ध्यान में रखते हुए लोग नदी नालों व खड्डों से दूर रहें। उन्होंनें कहा कि बरसात के कारण नदी.नालों व खड्डों का जलस्तर अचानक बढऩे की संभावना बनी रहती है। ऐसे में वे नदी.नालों व खड्डों से दूर रहें। उन्होंने लोगों से अपने मवेशियों को भी नदी.नालों व खड्डों से दूर रखने का आहवान किया है। इसके अतिरिक्त बच्चों को भी नदी नालों व खड्डों के समीप न जाने दें।

बरसात की पहली मूसलाधार बर्षा ने कई स्थानों पर खूब कहर बरपाया। उपमंडल में चौड़ी की गई सडक़ों पर कई स्थानों पर ल्हासे गिरे, जिन्हें लोक निर्माण विभाग ने तुरंत हटा दिया। किसानों की खड़ी मक्की की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। नेशनल हाइवे पर कुन्नू कस्बे में कुन्नू नाला के समीप सड़क के किनारे बनी नाली के ब्लॉक होने से हाइवे तालाब में तबदील हो गया। कुन्नू पुल से अनुसूचित जाति बस्ती लोअर कुन्नू को गई सडक़ भी हाइवे और नाले के पानी से क्षतिग्रस्त हो गई।

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