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पांच लाख तक के टेंडर ऑफलाइन, प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने फिर बदल दिए टेंडर के नियम

लोक निर्माण विभाग ने हिमाचल में बड़ा फैसला किया है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया को दोबारा बहाल कर दिया है। अब पांच लाख रुपए तक के ऑफलाइन टेंडर लगाए जा सकते हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने पांच लाख से नीचे के टेंडर रोक दिए थे और छोटे टेंडर की प्रक्रिया को आनलाइन कर दिया था।

यह व्यवस्था 31 मार्च तक की गई थी और उस समय टेंडर में होने वाली धांधली को रोकने के लिए इसे बड़ा कदम बताया गया था। दरअसल, प्रदेश में पांच लाख से कम के टेंडर ज्यादातर राजनीतिक इशारों पर मिलते रहे हैं।

चहेतों को खुश करने के लिए राजनेताओं ने टेंडर के इस चलन को बढ़ावा दिया था।इन टेंडरों का न तो प्रचार-प्रसार होता है और न ही काम पूरा होने पर बड़ी जांच की संभावना रहती है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंत्रिमंडल का विस्तार होने से पहले ही छोटे टेंडर रोकने का फैसला कर दिया था।

हिमाचल की खराब आर्थिक हालत को इसकी वजह बताया गया था। हालांकि इसके बाद इन टेंडर को ऑनलाइन शुरू किया गया।

ऑनलाइन टेंडर होने से आवेदक और वितरित राशि दोनों का जिक्र प्रक्रिया में शामिल रहता था, लेकिन अब लोक निर्माण विभाग में एक बार फिर वही व्यवस्था बहाल कर दी गई है, जो भाजपा के समय चलन में थी। विभाग में अब छोटे टेंडर आसानी हो पाएंगे।

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