मनाली-लाहौल की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात, 12 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 12 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जबकि मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले भागों में बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग का प्रदेश में 14 सितंबर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। राजधानी शिमला में बुधवार को मौसम शुष्क रहा और बाजारों में अन्य दिनों की तरह रौनक बनी रही।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान शिमला 16.1, सुंदरनगर 22.0, भुंतर 21.2, कल्पा 13.6, धर्मशाला 18.8, ऊना 25.0, नाहन 23.4, केलांग 11.2, पालमपुर 19.0, सोलन 20.5, मनाली 17.4, कांगड़ा 22.0, मनाली 21.1, बिलासपुर 24.5, हमीरपुर 24.7, चंबा 22.0,  डलहौजी 15.3 और कुफरी 14.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया है।

शहरों का अधिकतम तापमान शिमला 20.3, सुंदरनगर 28.1, भुंतर 28.1, कल्पा 17.2, धर्मशाला 25.6, ऊना 33.0, नाहन 27.9, सोलन 27.5, कांगड़ा 26.5, बिलासपुर 28.5,  हमीरपुर 27.3, चंबा 25.2, डलहौजी 17.1 और केलांग 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रदेश में मौसम ने बुधवार को करवट बदली है। येलो अलर्ट के बीच मनाली और लाहौल-स्पीति की चोटियों पर हल्का हिमपात व बारिश हुई, जबकि कांगड़ा जिले में भी मंगलवार रात से बुधवार सुबह 10 बजे तक बारिश हुई। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में दिन भर बादल छाए रहने से गर्मी से राहत मिली। शाम को शिमला में भी बारिश हुई।

कांगड़ा जिले के देहरा और नगरी में दो कच्चे मकान और एक गोशाला को नुकसान हुआ है। जिले में बारिश से एक दिन में पीडब्ल्यूडी को 32 लाख का नुकसान हुआ है। जिले में पांच सड़कें बंद हो गई हैं। सुबह से ही कुल्लू और लाहौल में हल्की बारिश का क्रम जारी रहा। मनाली और लाहौल की ऊंचीं चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है। बारिश के बाद घाटी में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत मिल गई है।

मंगलवार रात को रोहतांग दर्रा के अलावा बारालाचा, कुंजुम दर्रा, हनुमान टिब्बा, सेवन सिस्टर पीक आदि चोटियों में फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। कुल्लू-मनाली में सुबह आठ बजे तक बारिश होने से सेब तुड़ान प्रभावित रहा। हालांकि धान की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिन तक मौसम खराब रहने का अंदेशा जताया है।

जनजातीय किन्नौर जिले में भारी भूस्खलन से बाधित वांगतू-काफनू मार्ग चौथे दिन भी बहाल नहीं हो पाया है। मार्ग पर यातायात ठप होने से क्षेत्र की पांच पंचायतों की हजारों की आबादी दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। यहां पहाड़ी से बार-बार हो रहा भूस्खलन मार्ग खोलने में बाधा बन रहा है। रविवार सुबह 6 बजे पहाड़ी से चट्टानें खिसकने से भावा संपर्क सड़क छेटेटांग ती यानी झरने के पास बाधित हो गई थी।

इससे सड़क किनारे लगी 25 मीटर सड़क की दीवार भी ढह गई है। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग और जेएसडब्ल्यू प्रबंधन ने आधा दर्जन के करीब मशीनें और मजदूर बाधित मार्ग को बहाल करने में जुटे हैं। मगर बार-बार हो रहे भूस्खलन से मार्ग को बहाल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग बाधित होने से भावावैली की कटगांव, यांगपा-1, यांगपा-2, काफनू और क्राबा पंचायत का संपर्क देश दुनिया से कट गया है।

हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द बाधित मार्ग को बहाल करने की गुहार लगाई है। लोक निर्माण विभाग भावानगर के एसडीओ प्रमोद नेगी ने बताया कि बाधित मार्ग को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। जल्द ही मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा।

 

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