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मंडी जिला में 125 साल बाद जनवरी में पड़ा सूखा

मंडी के आसमान में बादलों के उमड़ने से ठिठुरन बढ़ गई। सुबह शाम कोहरा और धुंध कोहराम मचाए हुए है और लोग बारिश के लिए आसमां को निहार रहे हैं। मंडी जिला में स्थित कमरूनाग और पराशर झील ठंड के कारण जम रही हैं।

मंडी जिला में 125 साल बाद जनवरी में पड़ा सूखा

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान माइनस में चल रहा है। मंडी के आसमां में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहे, लेकिन कोई वर्षा या हिमपात नहीं हुआ है।

मंडी में वर्तमान तापमान लगभग 13 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। इसमें न्यूनतम तापमान 3 डिग्री और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

बारिश न होने से कृषि पर बुरा असर पड़ रहा है। विशेष रूप से रबी फसल गेहूं पर। यहां उत्पादन में 5 से 7 फीसदी की कमी की आशंका है।

पर्यटन भी प्रभावित है। बर्फबारी की कमी से पर्यटक निराश हैं। जल स्रोत सूख रहे हैं। ऐसा सूखा मौसम मंडी में 125 वर्षों में सबसे दुर्लभ है।

दिसंबर 2025 छठा सबसे सूखा महीना रहा, जिसमें 99 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। जनवरी में भी सूखा जारी है, जो 125 वर्षों बाद ऐसा हुआ है।

पराशर, शिकारी देवी और कमरूनाग में मौसम साफ है। पराशर में न्यूनतम तापमान -2 डिग्री और अधिकतम 9 डिग्री, शिकारी देवी में न्यूनतम -3 और अधिकतम 7 डिग्री, तथा कमरूनाग में न्यूनतम -1एडिग्री और अधिकतम 7 डिग्री है। पराशर और कमरूनाग झीलें सर्दियों में जम गई हैं। मंडी जिला में कोहरा और धुंध हल्की है।

बारिश-बर्फबारी के आसार नहीं

मंडी में वर्तमान में सूखा मौसम जारी है, और अगले कुछ दिनों तक कोई बारिश या हिमपात की संभावना नहीं है। आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 12 जनवरी तक मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा।

इस दौरान कोई महत्वपूर्ण वर्षा या बर्फबारी नहीं होगी। मौसम विभाग के मुताबिक कम से कम 12 जनवरी तक मंडी और आसपास के इलाकों में बारिश या हिमपात की कोई संभावना नहीं है।

उच्च पहाड़ी क्षेत्रों कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा में हल्की बर्फबारी की संभावना है, लेकिन मंडी शहर में बारिश या बर्फबारी नहीं होगी।

जनवरी के मध्य या बाद में कोई नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ सकता है, लेकिन अभी तक का पूर्वानुमान शुष्क ही दिखा रहा है। ठंडी लहर का असर अभी भी जारी है, और अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। आईएमडी के अनुसार हिमाचल में कोल्ड वेव की स्थिति जनवरी के मध्य तक बनी रहेगी।

अवाहदेवी में शीतलहर से ठंड प्रचंड

अवाहदेवी। जिला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित अवाहदेवी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

सुबह के समय सूरजदेव के दर्शन तो हो रहे हैं, लेकिन ठंड के आगे उनकी गर्माहट फीकी पड़ती नजर आ रही है। घने कोहरे के कारण वाहनों, छतों और खेतों में जमी सफेद परत ने ठंड का एहसास और बढ़ा दिया है।

लगातार गिरते तापमान के चलते लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह-सुबह घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। ठंड के कारण बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ऊंचाई पर स्थित होने के कारण अवाहदेवी क्षेत्र में शीतलहर का प्रभाव अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक महसूस किया जा रहा है। ठंड बढऩे से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

खेतों में जमी ओस और पाला फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।

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