हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में हवाई अड्डे को मिली साइट क्लियरेंस

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारत सरकार ने साइट क्लियरेंस को मंजूरी प्रदान कर दी है। बल्ह घाटी के नागचला में इसका निर्माण होना है।

इसके लिए भूमि अधिग्रहण सहित अन्य निर्माण पर चार से साढ़े चार हजार करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में मंडी में बनने वाले ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण हेतु साइट क्लियरेंस की मंजूरी भारत सरकार से मिलने का हवाला दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश के लिए बजट में केंद्रीय हस्तांतरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बजट अनुमान के मुताबिक कर हस्तांतरण में हिमाचल प्रदेश के लिए 2026-27 में 13,949 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।

इसी तरह अनुदान सहायता में हिमाचल प्रदेश के लिए 2025-26 में 10,243 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है।

राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता के तहत भी हिमाचल को 2020-21 से 2025-26 तक 8309 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

इस योजना के तहत, राज्य सरकारों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में विशेष सहायता प्रदान की जाती है, जिसका ब्याज पूर्णत: केंद्र द्वारा वहन किया जाता है। यह वित्त आयोग की अनुशंसाओं से परे है।

प्रदेश में हवाई मार्ग के विस्तार के तहत उड़ान योजना के अंतर्गत चार हवाई अड्डों का संचालन शुरू हुआ। इस पर 150 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है।

उड़ान योजना के अंतर्गत चार नए हवाई अड्डों शिमला, कुल्लू ,मंडी हेलिपोर्ट और रामपुर-हेलिपोर्ट तथा 22 नए हवाई मार्गों का संचालन शुरू हुआ।

प्रदेश को केंद्र की सौगात

भारत सरकार ने मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए साइट क्लियरेंस प्रदान की है। इसी तरह सडक़ मार्ग के विकास में 30 जून, 2025 तक प्रदेश में 2,607 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो चुका है।

मार्च, 2025 में प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में लगभग 3,400 करोड़ की लागत से एनएच-21 के कीरतपुर से नेरचौक खंड (2 पैकेज) का उद्घाटन किया है।

भारत माला परियोजना के प्रथम चरण के तहत हिमाचल प्रदेश में 9,964 करोड़ रुपए की अनुमानित कुल पूंजी लागत से 167 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के विकास को मंजूरी दी गई है।