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मानवता की सेवा और तिब्बती संघर्ष के प्रति हूँ समर्पित : दलाईलामा

मैक्लोडगंज में एक आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण माहौल में 14वें दलाईलामा ने अपने 90वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष प्रार्थना सभा में भाग लिया।

यह आयोजन तिब्बती धर्मशाला के मुख्य तिब्बती मंदिर सुगलागखांग में संपन्न हुआ। इस अवसर पर धूमेई चोल्खा के लोगों द्वारा दलाईलामा की दीर्घायु के लिए पारंपरिक प्रार्थना आयोजित की गई।

कार्यक्रम की शुरूआत वरिष्ठ भिक्षुओं द्वारा शुभ मंत्रों और प्रार्थनाओं के साथ हुई, जिनमें दलाईलामा के दीर्घ जीवन और मार्गदर्शन के प्रति आभार प्रकट किया गया।

दलाईलामा ने पारंपरिक मरून रंग की भिक्षु वेशभूषा में मंदिर में प्रवेश होकर गर्मजोशी से सभी का अभिवादन किया। दीर्घायु प्रार्थना तिब्बती बौद्ध परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसमें उनके दीर्घ जीवन की कामना की जाती है ताकि वे समस्त प्राणियों के कल्याण के लिए कार्य करते रहें।

इस दौरान धूमेई चोल्खा के प्रतिनिधियों ने उन्हें पवित्र मूर्तियां, ग्रंथ, औषधीय प्रतीक और अन्य धार्मिक सामग्री अर्पित की।

संक्षिप्त संबोधन में दलाईलामा ने कहा, “मैं आप सभी की भक्ति और प्रार्थनाओं से अत्यंत अभिभूत हूं। इस जीवन में करुणा, सत्य और अहिंसा का अभ्यास ही सबसे महत्वपूर्ण है।

मैं मानवता की सेवा और तिब्बती संघर्ष के प्रति समर्पित हूं।” समारोह का समापन तिब्बती सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक तिब्बती चाय तथा मीठे चावल के वितरण के साथ हुआ।

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