ओपीएस बहाली के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार से उम्मीद

शिमला : प्रदेश मंत्रिमंडल की सोमवार को होने वाली बैठक कर्मचारियों के लिए महत्त्वपूर्ण हो गई है। ओल्ड पेंशन बहाली को लेकर कैबिनेट की बैठक में आज चर्चा होने की संभावना है। चुनावी वर्ष को देखते हुए सरकार नाराज चल रहे कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है। कैबिनेट की बैठक सोमवार को सुबह दस बजे से शुरू होगी।

बजट सत्र के दौरान कैबिनेट की यह तीसरी बैठक है। मंत्रिमंडल की बैठक से सबसे बड़ी उम्मीद कर्मचारियों की ओपीएस बहाली को लेकर है। प्रदेश सरकार ने ओपीएस बहाली को लेकर कमेटी का गठन किया है और इस कमेटी के समक्ष ही कर्मचारियों को सुझाव देने का आह्वान किया गया था। सरकार ने भविष्य में कमेटी की सिफारिश के आधार पर ही फैसले की बात कही है।

हालांकि पूर्व में विधानसभा घेराव को लेकर हुए प्रदर्शन की वजह से सरकार में नाराजगी भी देखने को मिली है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर जमकर हमला बोला है। अब देखना यह है कि मंत्रिमंडल में सरकार कर्मचारियों की इस सबसे बड़ी मांग पर क्या फैसला लेती है।

इसके साथ ही दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा आउटसोर्स कर्मचारियों का है। मुख्यमंत्री ने इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आह्वान किया है। करुणामूलकों का भी एक वर्ग लंबे समय से नौकरी मिलने के इंतजार में है। इसके अलावा कम्प्यूटर शिक्षक और गृहरक्षक भी पॉलिसी की मांग कर रहे हैं।

मल्टीटास्क वर्कर्ज की भर्ती पर हो चुका है फैसला

कैबिनेट की पहले हुई बैठक में मल्टीटास्क वर्कर्ज की भर्ती का निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। इसमें 7700 वर्करों की भर्ती की जानी हैं। इसमें करीब 300 वर्करों की भर्ती मुख्यमंत्री अनुशंसा के आधार पर पहले ही की जा चुकी है। प्रदेश सरकार ने अब इसमें एसडीएम की अध्यक्षता वाली समिति के माध्यम से साक्षात्कार का फैसला किया है।

इसके साथ ही प्रदेश भर में 200 पदों को भरने की मंजूरी भी पिछली कैबिनेट में दी गई है। इसके साथ ही 20 हजार छात्रों को लैपटॉप बांटने के बारे में भी फैसला प्रदेश सरकार ले चुके हैं।

पुलिस पे-बैंड पर सदन में होगी बहस

कैबिनेट की बैठक के बाद शुरू होने वाले बजट सत्र में पुलिस पे बैंड का मामला गूंज सकता है। बजट में कटौती प्रस्ताव पर पुलिस संगठनों का प्रस्ताव लाया जाएगा। इस दौरान विपक्ष की तरफ से लंबे समय से लंबित पे-बैंड के मसले को चर्चा में लाया जा सकता है।

सोमवार को आबकारी एवं कराधान, पुलिस संगठन, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, लोक निर्माण विभाग, कृषि, उद्यान, सिंचाई और जलापूर्ति, पशु, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य, वन और वन्य प्राणी, ग्रामीण विकास, बिजली विकास, श्रम, रोजगार और प्रशिक्षण सहित अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम पर चर्चा होनी है।

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