अभी भी मंजिल तक नहीं पहुंच पाई प्रदेश की एकमात्र ब्रॉडगेज रेललाइन

इसे प्रदेश का दुर्भाग्य ही कहें कि रेल लाइन विस्तार मामले में हिमाचल अन्य राज्यों से काफी पिछड़ रहा है। अंग्रेजों द्वारा बिछाई गई कालका-शिमला व पठानकोट-जोगिन्दरनगर नैरोगेज रेल लाइन के बाद स्वतंत्र भारत में हिमाचल के हिस्से आई एकमात्र ब्रॉडगेज नंगल डैम-तलवाड़ा रेल लाइन इसके शिलान्यास के पांचवें दशक में भी मंजिल तक नहीं पहुंच पाई है।

हालांकि पूर्व मोदी सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे मनोज सिन्हा जब यहां आए, तो उन्होंने वर्ष 2022 तक इस रेल लाइन को मुकेरियां के साथ कनेक्ट कर जम्मू-कश्मीर के लिए एक और वैकल्पिक रेल मार्ग विकसित करने का दावा किया था, लेकिन वर्ष 2022 भी इसका गवाह बना कि नेताओं की कथनी व करनी में कितना अंतर है।

वर्ष 1974 में तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने अंब में नंगल डैम-तलवाड़ा रेल लाइन के निर्माण का शिलान्यास कर हिमाचल प्रदेश में भी ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने का सपना दिखाया था, लेकिन इस रेल लाइन के दौलतपुर चौक तक ही पहुंचते-पहुंचते करीब 46 साल लग गए।

करीब 89 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग के तलवाड़ा तक पहुंचने के लिए अभी और कितने साल का इंतजार करना पड़ेगा, इसका भी कोई पता नहीं है, क्योंकि जो गति इस रेललाइन के दौलतपुर चौक तक पहुंचने की रही, अगर उसी हिसाब से यह रेल लाइन आगे बढ़ी तो अभी कई साल का इंतजार और करना पड़ेगा।

अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंडी के दौरे पर आए थे, तो उस दौरान उन्होंने भी इस रेल लाइन के निर्माण पर हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की और इसका दोषारोपण पूर्व कांग्रेस सरकारों के सिर मढ़ा, लेकिन अपने दूसरे कार्यकाल में भी वह इस रेल लाइन के निर्माण को युद्धस्तर पर शुरू करवाने में लगभग असफल ही दिखे।

अभी भी इस रेललाइन के निर्माण के लिए रेल मंत्रालय एकमुश्त बजट मुहैया नहीं करवा पा रहा है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर इस समय केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन वह भी इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उस प्रभावी ढंग से नहीं उठा पाए हैं।

रेल लाइन मुकेरियां से कनेक्ट नहीं हो पाई है। अब जब प्रदेश की एकमात्र ब्रॉडगेज रेल लाइन का कार्य ही पूरा होते इतने साल बीत गए तो फिर पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन जिसे ब्रॉडगेज करने की मांग उठती रही है, उस पर काम कब होगा।

रेलवे बजट में कभी होशियारपुर-अंब रेल लाइन के निर्माण के लिए सर्वेक्षण करने का ऐलान किया गया था। इससे स्थानीय जनता भी खुश थी कि अब पंजाब से यह क्षेत्र रेल मार्ग से भी जुड़ जाएगा, लेकिन बाद में रेल मंत्रालय ही अपने ऐलान से पलट गया और इस सर्वेक्षण को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर-ऊना को रेल लाइन से जोडऩे के लिए इसका ऐलान किया था। इसके बाद रेल मंत्रालय ने भी इसके सर्वेक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया था, लेकिन पिछले बजट में इस रेल लाइन के लिए पर्याप्त बजट जारी न हो पाने से इसके निर्माण को लेकर भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। हालात यह हैं कि यह रेल मार्ग सर्वेक्षण से आगे नहीं बढ़ पाया है।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह मनकोटिया का कहना है कि यह डबल इंजन सरकार जनता को गुमराह कर रही है। विकास करवाना इनके बस की बात नहीं है। प्रधानमंत्री, रेल मंत्री व स्थानीय नेता ब्रॉडगेज रेल लाइन के निर्माण को लेकर जनता को गुमराह ही करते रहे हैं। भाजपा नेता बताएं कि प्रधानमंत्री व रेलमंत्री की चिंता के बावजूद नंगल डैम-तलवाड़ा रेल लाइन का निर्माण अब तक पूरा क्यों नहीं हो सका।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *