उरला हादसे में 55 से ज्यादा के मरने की आशंका

उरला के समीप एनएच पर पहाड़ दरकने से दबी बसों से अब तक 10 शव बरामद किए गए हैं। कुल 50 के करीब लोगों के दबे होने की आंशका है जिनके बचने की आशंका न के बराबर है।

एक बस मनाली से कटरा और दूसरी मनाली से चंबा जा रही थीं। हादसा इतना भयानक था कि बसें पहाड़ी से दरके मलबे के साथ 900 मीटर तक बह गईं. बसों के परखच्चे उड़ गए। सूचना के मुताबिक मनाली से कटरा जा रही वॉल्वो बस में 8 और मनाली से चंबा जा रही बस में 47 यात्री थे। हादसे में सभी यात्रिओं के मरने की आशंका जताई जा रही है. मरने वालों में चंबा जाने वाली बस के ड्राइवर और कंडक्टर भी शामिल हैं।

  

पठानकोट-मंडी नेशनल हाईव पर यह हादसा रविवार तड़के 1:15 AM पर हुआ। उरला के पास कोटरूपी में बसें भोजन-विश्राम के लिए रुकी थी. अचानक पहाड़ी दरकी और अपने साथ यात्रियों से भरी दो एचआरटीसी बसों को बहा ले गईं।

सेना और NDRF की टीमें मौके पर लगी हुई हैं। रात दो बजे के करीब पहाड़ी से मलबा गिरा और कई वाहनों को अपने साथ दूर तक ले गया। बताया जा रहा है कि कोटकरूपी में दो बसें रात को चाय पानी के लिए रुकी थीं। इसके अलावा कई और वाहन भी यहां पर खड़े थे।

जैसे ही ऊपर से पहाड़ी दरकी दोनों बसों के अलावा वहां पर खड़े कई और वाहन मलबे की चपेट में आ गए। एचआरटीसी की बसों में एक कटड़ा-मनाली रुट पर जा रही बस थी। बस के चालक ने ऊपर से मलबा आता देखा सवारियों को भागने को कहा।

वहीं चम्बा से मनाली जा रही बस में हताहतों की संख्या अधिक हो सकती है। यह बस मलबे के साथ एनएच से एक किलोमीटर नीचे बह गई है और मलबे में पूरी तरह से दब चुकी थी। इस बस में 45 सवारियां होने की आशंका है।

इसके अलावा वहां आसपास खड़े कई और वाहन भी मलबे में दफन हो गए हैं। एनएच का 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह से बह चुका है इसलिए इस रास्ते की बहाली में समय लग सकता है.

ताजा जानकारी के अनुसार दबी हुई चम्बा से मनाली जा रही बस को खोज लिया गया है और इसे निकालने का काम शुरू किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस घटना पर दुःख जताया है.

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