विमल नेगी मामले में एमडी और निदेशक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज, निलंबित

हिमाचल प्रदेश पावर काॅरपोरेशन (एचपीपीसीएल) के मुख्य अभियंता विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर आक्रोशित परिजनों के साथ कर्मचारी और आम लोग भी सड़क पर उतर गए हैं। परिजनों की शिकायत पर देर शाम एचपीपीसीएल के एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक देसराज पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरकार ने इन दानों को पदों से हटाकर पूरे मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार शर्मा को साैंप दी है।

देर शाम निदेशक (इलेक्टि्रकल) देसराज को सरकार ने निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उधर, दोनों आरोपी अफसरों के निलंबन पर अड़े परिजन रात 10 बजे तक विमल के शव को लेकर शिमला में एचपीपीसीएल के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे। इससे पहले बुधवार को बिलासपुर, शिमला और किन्नौर में कर्मचारियों समेत आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

बिलासपुर में कर्मियों ने एम्स के बाहर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इंसाफ की मांग की। यहां नेगी के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद बीसीएस शिमला में एचपीसीसीएल कार्यालय के बाहर कर्मियों ने विमल नेगी के शव को सड़क पर सात घंटे तक चकाजाम कर प्रदर्शन किया।

– अमर उजाला से साभार

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