धर्मशाला कालेज में छात्रा की रैगिंग और साथ ही एक प्रोफेसर द्वारा की गई अश्लील हरकतों ने शैक्षणिक व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। छात्रा की मौत के बाद सामने आए वीडियो और परिजनों की शिकायत के आधार पर चार छात्राओं और एक प्रोफेसर पर एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

मामला बिगड़ता देख एसपी कांगड़ा ने जांच का अपनी निगरानी में लिया है और मामले से जुड़े हुए सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
इसमें युवती के धर्मशाला कालेज में अध्ययन, चार लड़कियों के साथ हुए विवाद, शिक्षक मामले, घर व आस-पड़ोस, डीएमसी लुधियाना सहित विभिन्न सात अस्पतालों में हुए इलाज की हिस्ट्री को जांचा जा रहा है।
अस्पतालों की मेडिकल हिस्ट्री जांचने को मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है। अहम है कि युवती की मौत 26 दिसंबर को डीएमसी लुधियाना में उपचार के दौरान हो गई थी।
इसके बाद परिजनों ने 27 दिसंबर को उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था तथा शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया था। गौर हो कि मामले में चार छात्राओं व एक प्रोफेसर पर मारपीट, रैगिंग एक्ट संग अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से युवती के पिता ने 20 दिसंबर को शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने बेटी के साथ 18 सितंबर को कालेज की ही तीन से चार लड़कियों की ओर से रैगिंग किए जाने का आरोप लगाया था।
हालांकि मामले में पुलिस थाना धर्मशाला की ओर से जांच पड़ताल की गई थी, जो कि 23 दिसंबर को सॅबमिट भी गई थी। इस दौरान पीडि़त युवती की मेडिकल स्थिति को देखते हुए परिजनों ने बयान देने से इनकार किया था।
ऐसे में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पुलिस की ओर से एकतरफा जांच जरूर की गई थी, जिसमें कालेज में छात्रा के प्रथम वर्ष की परीक्षाओं में रिवेल्युएशन भरने की बात सामने आई थी।
इस आधार पर युवती को आगामी कक्षा में प्रवेश देने की शिक्षकों से भी बात हुई थी। इस शिकायत के डिस्पोज करते समय पिता ने भी कहा था कि वह बेटी के स्वस्थ होने पर दोबारा से शिकायत करेंगे।
इसी बीच 26 दिसंबर को 19 वर्षीय युवती की मौत के बाद 31 दिसंबर को उनके पिता विक्रम कुमार ने पुलिस थाना धर्मशाला में शिकायत दी थी।
गुरुवार को सोशल मीडिया पर अस्पताल में वेंटिलिटर पर उपचाराधीन युवती का वीडियो वायरल होना शुरू हो गया, जिसमें वह प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और चार लड़कियों पर रैगिंग का आरोप लगा रही है।
परिजनों की शिकायत के आधार पर धर्मशाला कालेज की चार छात्राओं और एक प्रोफेसर पर उनकी बेटी से मारपीट, डराने-धमकाने और अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने धर्मशाला थाने में बीएनएस की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा तीन के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दी है।
यह बोले एसपी कांगड़ा
एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस ने छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर चार छात्राओं व शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले के हर पहलू की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है, जोकि उनकी देखरेख में रहेगी। मेडिकल हिस्ट्री के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कालेज के प्रिंसीपल का जवाब
पीजी कालेज धर्मशाला के प्रिंसीपल प्रो. राकेश पठानिया ने बताया कि युवती कालेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उसने पास न होने पर आगामी कक्षा में प्रवेश नहीं लिया था। हालांकि रिवेलुएशन भरी गई थी। उन्होंने बताया कि मामले में उनके पास इससे पहले कोई शिकायत नहीं आई थी। पुलिस की जांच-पड़ताल में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
छात्रा की मौत की उच्च स्तरीय जांच करवाए सरकार : जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा की बिटिया पल्लवी की मौत बहुत पीड़ादायक है। इस मामले में पुलिस और प्रशासन की तरफ से बार-बार लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, जो व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
इस मामले में मुख्यमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। यह मामला एक बेटी के न्याय से जुड़ा हुआ है इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिससे सारे तथ्य सामने आ सकें और पल्लवी को न्याय मिल सके। उन्होंने पल्लवी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।































