हिमाचल में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बदलने जा रहा यह नियम

हिमाचल प्रदेश में परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया में बदलाव करने जा रहा है। राज्य के करीब 18 लाख लाइसेंस धारकों के इसी प्रक्रिया के तहत अब लाइसेंस रिन्यू किए जाएंगे।

लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अभी आवेदक को खुद मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करना होता है। विभाग इस प्रक्रिया को बदलने जा रहा है। आवेदक के बजाय प्रमाणित डाक्टर सारथी पोर्टल पर मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करेंगे।

केवल पंजीकृत व अधिकृत डाक्टर ही मेडिकल सर्टिफिकेट को ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। इससे फर्जी व अप्रमाणिक मेडिकल प्रमाणपत्रों पर रोक लगेगी।

चिकित्सीय रूप से सक्षम चालकों को ही लाइसेंस नवीनीकरण की अनुमति मिल सकेगी। इस संबंध में 40 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के किसी भी व्यक्ति को चाहे नया लाइसेंस बनाना हो या फिर पुराना लाइसेंस रिन्यू करवाना हो, उसके लिए अब नई प्रक्रिया के तहत मेडिकल सर्टिफिकेट को परिवहन विभाग में जमा कराने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

इसके लिए पहले परिवहन विभाग से संबंधित व्यक्ति को रेफरेंस नंबर मिलेगा। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट के लिए लाइसेंस बनाने वाले व्यक्ति को रजिस्टर मेडिकल प्रैक्टिशनर यानी डॉक्टर के पास जाकर मेडिकल चैकअप करवाना अनिवार्य होगा।

हिमाचल में ड्राईविंग लाइसेंस बनाने के लिए मेडिकल प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। रजिस्टर मेडिकल प्रैक्टिसनर द्वारा सारथी पोर्टल पर लाइसेंस धारकों की मेडिकल रिपोर्ट अपलोड की जाएगी।
आरडी नजीम- अतिरिक्त मुख्य सचिव, परिवहन