गर्मियां शुरू होते ही दहकने लगे हिमाचल के जंगल

हिमाचल प्रदेश में जंगल की आग से अब तक करीब दस हजार हेक्टेयर का क्षेत्र झुलस गया है। अग्निकांड की 632 घटनाओं में तीन करोड़ रुपए स्वाह हो चुके हैं। प्रदेश में चार जिलों के पांच सर्किल हाई रिस्क पर हैं।

हिमाचल में दहक रहे जंगल

कम बारिश है कारण

अग्निकांड की 80 फीसदी घटनाएं इन्हीं क्षेत्रों में हुई हैं। बीते साल कम बारिश होने का खामियाजा भी वन विभाग को भुगतना पड़ा है। 1915 हेक्टेयर में वन विभाग की नर्सरियां आग की भेंट चढ़ी हैं।

अग्निकांड की सबसे ज्यादा घटनाओं के मामले में शिमला पहले पायदान पर रहा है, जबकि नुकसान के मामलेे में कुल्लू सबसे आगे है। कुल्लू में 115 अग्निकांड की घटनाएं पेश आई हैं और इनमें 70 करोड़ 70 हजार 35 रुपए का नुकसान आंका गया है।

कहाँ कितना नुक्सान

शिमला में 146 घटनाओं के बाद नुकसान का यह आंकड़ा 51 लाख 78 हजार 962 रुपए है। अन्य जिलों की बात करें तो चंबा में 100 घटनाओं में 2737 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ और यहां नुकसान का अनुमान दो लाख 19 हजार रुपए लगाया गया है।

रामपुर में 97 घटनाओं में 1835 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। इसमें 93 लाख 78 हजार 498 रुपए के नुकसान का अनुमान है।

मंडी में 91 घटनाएं पेश आई और इसमें करीब 632 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई। यहां 53 लाख रुपए के नुकसान की रिपोर्ट वन विभाग ने जुटाई है।

इसके अलावा नाहन में 30 घटनाओं में 211 हेक्टेयर से 20 लाख 75 हजार, धर्मशाला में 23 घटनाओं से 123 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई और दो लाख 60 हजार 780 रुपए का नुकसान हुआ है।

हमीरपुर में 17 घटनाओं में 85 हजार,

जीएनपी कुल्लू में छह घटनाओं में दो लाख 68 हजार,

सोलन में पांच घटनाओं में एक लाख 70 हजार और बिलासपुर में दो घटनाओं में एक लाख चार हजार रुपए के नुकसान का अनुमान है।

सर्दियों में 9587 हेक्टेयर जंगल राख

सर्दियों में ज्यादा नुकसान वन विभाग को झेलना पड़ा है। सर्दियों में 536 घटनाएं पंजीकृत हुई और इनसे 9587 हेक्टेयर एरिया राख हुआ और दो करोड़ 84 लाख से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है।

सर्दियों में शिमला के जंगल सबसे ज्यादा धधकते रहे हैं। यहां सर्दियों के दौरान अग्निकांड की 146 घटनाएं हुई हैं और इनमें 51 लाख 78 हजार का नुकसान आंका गया है।

इसके अलावा अन्य जिलों में कुल्लू में 112 घटनाओं में 66 लाख, रामपुर में 93 घटनाओं में 93 लाख, चंबा में 92 घटनाओं में दो लाख 16 हजार,

मंडी में 76 घटनाओं में 48 लाख 32 हजार, नाहन में 10 घटनाओं में 20 लाख 12 हजार, जीएनपी कुल्लू में पांच घटनाओं में दो लाख 68 हजार 400 और धर्मशाला में दो घटनाओं में एक हजार रुपए का नुकसान आंका गया है।

गर्मियों में दहके 665 हेक्टेयर जंगल

हिमाचल के जंगलों में अग्निकांड की घटनाएं गर्मियों में कम दर्ज हुई हैं। बीते साल 15 अप्रैल से बरसात आने तक 96 घटनाएं दर्ज की गई थी।

इनमें 665 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और 16 लाख 86 हजार रुपए का नुकसान आंका गया। इनमें सबसे ज्यादा 21 घटनाएं धर्मशाला में हुई। यहां 48 हेक्टेयर में नई पौध भी आग की भेंट चढ़ गई।

इन घटनाओं में 120 हेक्टेयर ऐरिया प्रभावित हुआ और दो लाख 59 हजार 780 रुपए का नुकसान आंका गया था। गर्मियों में अग्निकांड की घटनाओं के मामले में नाहन दूसरे पायदान पर था।

यहां 20 घटनाओं में 63 हजार 500, हमीरपुर में 17 घटनाओं में 85 हजार 172, मंडी में 15 घटनाओं में पांच लाख 11 हजार, चंबा में आठ घटनाओं में 2600 रुपए,

सोलन में पांच घटनाओं में एक लाख 70 हजार, रामपुर में चार घटनाओं में 40 हजार, कुल्लू में तीन घटनाओं में 4 लाख 49 हजार, बिलासपुर दो घटनाओं में एक लाख का नुकसान हुआ है।

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