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250 बच्‍चों के लिए जान पर खेल गई थी यह शिक्षिका

जान जोखिम में डालकर 250 बच्चों की जान बचाने वाली मंडी जिला के कन्या पाठशाला में कार्यरत टीजीटी शिक्षिका मीना चंदेल को अध्यापक दिवस पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया है। दिल्ली में हुए कार्यक्रम के दौरान मीना चंदेल को यह अवार्ड मिला। इससे पहले उन्हें 2015 में भी राज्य स्तरीय अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

जब सिलेंडर ने पकड़ ली थी आग

बताया जाता है कि मीना हिमाचल के मंडी जिला के कन्या स्कूल में पढ़ाती है। साल 2008 में जब गर्ल्स स्कूल मंडी में 6वीं से 8वीं तक मिड-डे मील की लांचिंग की जा रही थी तो अचानक सिलेंडर ने आग पकड़ ली। टीचर मीना ने बहादुरी दिखाते हुए सिलेंडर को उठाकर कमरे से बाहर फेंककर आग पर काबू पाया।

खुद आ गई थी आग की चपेट में

मीना की होशियारी से सिलेंडर फटने से तो बच गया लेकिन वह खुद आग की चपेट में आ गई थी। घायल होने के बाद मीना का जोनल अस्पताल में उनका 3 दिन तक इलाज चलता रहा। इस प्रकार उनकी इस बहादुरी से 250 बच्चों की जान बच गई।

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