कांगड़ा एयरपोर्ट की जद में आने वालों को सरकारी जमीन देगी सुक्खू सरकार

कांगड़ा : काँगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार में विस्थापित होने वाले परिवारों की सबसे बड़ी टेंशन खत्म हो गई है। विस्थापितों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश की सुक्खू सरकार कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी बनाना चाहती है, जिसके लिए जिला में हवाई और सडक़ नेटवर्क का मजबूत होना बेहद जरूरी है।

यही वजह है कि सरकार कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार कर रही है, ताकि कांगड़ा जिला पर्यटन में विश्व पटल पर छा जाए। अब विस्तारीकरण में जिन लोगों की जमीनें आ रही हैं, उन्हें सबसे बड़ा डर बेघर होने का है,

लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को इस पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कर दी। सीएम ने चंडीगढ़ से वर्चुअल माध्यम से कहा कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जाएगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हो गई है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार विस्थापितों को सरकारी जमीन उपलब्ध कराएगी, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई भी परिवार बेघर न हो। जनता की सुख समृद्धि ही सरकार का उद्देश्य है।

इससे पहले मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से आदर्श पुलिस थाना शाहपुर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि पालमपुर में हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर के निर्माण सहित हवाई सेवा में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने शाहपुर-फतेहपुर सडक़ परियोजना के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित करने की योजना बनाई है और रैहन महाविद्यालय के लिए भी धन उपलब्ध करवाया गया है। इसके अलावा, बीड़ में एक पुलिस थाना खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार क्षेत्रीय भावनाओं से ऊपर उठकर पूरे राज्य का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि आईटीआई शाहपुर में ड्रोन पायलट और मैकेनिक से सम्बंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी संबंधी मामले के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया गया है।

उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर एसजेवीएन द्वारा शुरू की गई बिजली परियोजनाओं में राज्य के हितों की उपेक्षा करने के लिए पिछली भाजपा सरकार की आलोचना की।

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