हिमाचल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी,ओलावृष्टि से नकदी फसलों को भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश के लाहाैल-स्पीति जिले की चोटियों पर शनिवार सुबह से ही रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है, जबकि रिहायशी इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मौसम के करवट बदलने से घाटी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उधर जोगिन्दरनगर क्षेत्र में भी शनिवार रात से लगातार बारिश हो रही है जिससे समस्त जोगिन्दरनगर क्षेत्र में शीतलहर है।

जोगिन्दरनगर क्षेत्र में ज़ारी बारिश से शीतलहर

मई महीने में लोग फिर से गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाहौल के सिस्सू, कोकसर, जिस्पा और दारचा में पर्यटक पहुंच रहे हैं।

राजधानी शिमला में भी आज माैसम खराब बना हुआ है। दोपहर के समय ठियोग, कुफरी-फागू, कोटगढ़ क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है।

इससे सेब सहित अन्य नकदी फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

इतने दिन खराब रहेगा माैसम

बीती रात को देहरा गोपीपुर में 37.2, पांवटा साहिब 17.4, शिमला 16.6, कंडाघाट 15.0, जुब्बड़हट्टी 14.8, कुफरी 14.5, जटोन बैराज 10.4, सोलन 10.0 व करसोग में 8.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में आगामी 9 मई तक लगातार बारिश का दाैर जारी रहने की संभावना है। इस दाैरान कई स्थानों पर 30 से 50 किलोमीटर तक प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने व बिजली चमकने का येलो अलर्ट है। चोटियों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है।

विभाग के अनुसार 3 से 5 मई के दौरान राज्य के कई हिस्सों तथा 6 और 9 मई को कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।

7 और 8 के दौरान मध्य पर्वतीय और निचले पर्वतीय-मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों और ऊंचे पर्वतीय इलाकों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ठियोग क्षेत्र में ओलावृष्टि से नकदी फसलों को भारी नुकसान, ओलों से सफेद हुए कुफरी-फागू मुख्य सड़क

शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र में शनिवार दोपहर को किसानों और बागवानों पर आसमान से ओले के रूप में जमकर कहर बरपा। लगभग दो बजे के करीब सरोग, फागू,चियोग, धमादरी, सतोग, देवरी घाट पंचायत और जैस पंचायत में भारी ओलावृष्टि हुई।

इसके कारण सेब, मटर और फूलगोभी की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बड़े आकार के ओलों की वजह से सेब पेड़ों से झड़ गया है।

जिन बागवानों ने सेब के पौधों पर जालियां लगाई थीं, वे नुकसान से आंशिक रूप से बचने में कामयाब हुए। लेकिन ओले के वजन से कई पेड़ों पर लगी जालियां टूट गईं और पौधों को भी नुकसान हुआ है।

इस दौरान फागू और कुफरी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। सड़क पर बर्फबारी के दौरान ऐसा नजारा होता था।

कम ऊंचाई वाले इलाकों में प्लम, आडू और बादाम की फसल भी प्रभावित हुई है। बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह जलभराव हो गया।

मालत और जुब्बली पंचायत में बरपा ओलों का कहर

शिमला जिले के कुपवी क्षेत्र की मालत और जुब्बली पंचायत में शनिवार को दोपहर के समय हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है।

बागवानों ने बताया कि ओलावृष्टि करीब 10 से 15 मिनट तक हुई, लेकिन ओलों का आकर इतना बड़ा था कि फल जमीन पर गिर गए और जालियां भी टूट गईं। बागवानों ने बताया कि इस समय सेब की फसल संवेदनशील अवस्था में है और ओलावृष्टि से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर प्रभाव पड़ सकता है।

कहां कितना तापमान

अगले 2-3 दिनों के दौरान राज्यों के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। वहीं राज्यों के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।

शिमला में न्यूनतम तापमान 13.4, सुंदरनगर 16.3, भुंतर 15.4, कल्पा 7.1, धर्मशाला 18.1, ऊना 18.2, नाहन 17.0, केलांग 6.6, पालमपुर 17.0, सोलन 14.0, मनाली 11.9, कांगड़ा 18.4, मंडी 17.8, बिलासपुर 18.3, हमीरपुर 18.0, जुब्बड़हट्टी 15.8 , कुफरी 11.4, कुकुमसेरी 5.9, नारकंडा 8.8, भरमाैर 12.2, रिकांगपिओ 10.6, सेऊबाग 13.5, धाैलाकुआं 19.2, बरठीं 17.4, कसाैली 16.9, पांवटा साहिब 19.0, सराहन 11.0, ताबो 8.1, नेरी 18.9 व बजाैरा में 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जोगिन्दरनगर क्षेत्र में बारिश के चलते गेहूं की फसल कटाई का काम ठप्प हो गया है जबकि कई किसानों की कटी हुई गेहूं खेतों में भीग रही है।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *